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Viral: स्टेशन पर संभल न सका पिता, कमाई की तलाश में घर छोड़ते ही बेटी की याद ने तोड़ दिया हौसला, रो पड़ा मजदूर

Tue, 25 Nov 2025 05:09 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Tue, 25 Nov 2025 05:09 PM IST
सार

वीडियो में दिखता है कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक आदमी अकेले बैठा है। हाथ में छोटा-सा बैग है, जैसे अभी-अभी ट्रेन से उतरा हो या किसी दूसरी ट्रेन का इंतजार कर रहा हो। चेहरे पर थकान, आंखों में गहरी सोच और मन में बसी एक ऐसी उदासी, जिसे शब्दों में समझाना मुश्किल है।

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Father lost his composure memory of his daughter broke his spirit as he left home in search of earnings
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com

विस्तार

यह वीडियो सिर्फ एक कहानी नहीं सुनाता, बल्कि दिल के बहुत गहरे हिस्से तक जाकर असर छोड़ जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह क्लिप लाखों लोगों की आंखें नम कर चुका है। वीडियो में एक नॉर्मल से दिखने वाले पिता की मजबूरी, उसकी थकान और अपने परिवार खासकर अपनी दो साल की बेटी से दूर रहने का दर्द साफ नजर आता है। यही वजह है कि लोग इसे देखकर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रहे। आइए जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में दिखता है कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक आदमी अकेले बैठा है। हाथ में छोटा-सा बैग है, जैसे अभी-अभी ट्रेन से उतरा हो या किसी दूसरी ट्रेन का इंतजार कर रहा हो। चेहरे पर थकान, आंखों में गहरी सोच और मन में बसी एक ऐसी उदासी, जिसे शब्दों में समझाना मुश्किल है। तभी एक पत्रकार उससे बात करने लगता है। शुरुआत में वह नॉर्मल तरीके से जवाब देता है, लेकिन जैसे ही बात परिवार पर आती है, उसकी आवाज बदलने लगती है।
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पिता का छलका दर्द
पत्रकार पूछता है कि वह कहां जा रहा है। आदमी हल्की-सी मुस्कान के साथ बताता है, "काम पर जा रहा हूं, घर छोड़कर।" अगला सवाल आता है, "परिवार से दूर रहना कितना मुश्किल होता है?" और वहीं से उसके भीतर का दर्द बाहर आना शुरू हो जाता है। वह व्यक्ति अपनी बेटी का जिक्र करते हुए कहता है, "दो साल की बेटी है मेरी।" लेकिन यह कहते-कहते ही उसकी आवाज कांपने लगती है। आंखों में पानी भर आता है। वह कोशिश करता है खुद को संभालने की पर पिता के दिल में जो दर्द होता है, उसे कब तक छिपाया जा सकता है? उसके चेहरे पर लिखा होता है कि नौकरी की मजबूरी ने उसे कितनी बार कमजोर किया होगा, कितनी रातें उसने घर की याद में बिना नींद बिताई होंगी।


घर से दूर रहने पर अंदर से टूटा
वीडियो देखकर साफ लगता है कि एक पिता बाहर चाहे कितना भी मजबूत दिखे, लेकिन घर से दूर रहने का दर्द उसे अंदर से तोड़ देता है। खासकर जब बच्ची बहुत छोटी हो तो हर दिन उससे दूर रहना किसी सजा से कम नहीं होता। आदमी कहता भी है कि बेटी की मासूम मुस्कान याद आते ही मन बेचैन हो जाता है।

वीडियो देखकर लोग भी भावुक हो गए
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, लोगों ने दिल खोलकर अपने अनुभव और भावनाएं शेयर कीं। एक यूजर ने लिखा, “उनकी आवाज में जो दर्द है, वही दर्द हर उस इंसान के दिल में है जो परिवार के लिए दूर-दूर भटकता है।” दूसरा कमेंट आया, “पिता-बेटी का रिश्ता सबसे कोमल और पवित्र होता है, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”

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