एक नवंबर 1952, इतिहास का एक ऐसा दिन था, जब दुनिया में पहली बार हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया गया था। इसे अब तक का सबसे बड़ा बम विस्फोट माना जाता है। कहते हैं कि यह हाइड्रोजन बम जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से भी एक हजार गुना अधिक शक्तिशाली था। आज हम आपको दुनिया के उन पांच देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके पास माना जाता है कि यह विनाशकारी ताकत यानी हाइड्रोजन बम मौजूद हैं।
वो देश, जिनके पास हैं परमाणु बम से भी 1,000 गुना शक्तिशाली हाइड्रोजन बम
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अमेरिका
अमेरिका ही दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने एक नवंबर 1952 को हाइड्रोजन बम का सबसे पहले परीक्षण किया था। यह परीक्षण मार्शल आइलैंड पर किया गया था, जिसकी वजह से इस आइलैंड और आसपास के पूरे इलाके से सभी प्रकार का जीवन खत्म हो गया था।
रूस
रूस ने 29 अगस्त, 1953 को पहली बार हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था। शीतयुद्ध के उस काल में परमाणु बम से आगे की तकनीक हासिल करते हुए रूस ने हाइड्रोजन बम का विस्फोट कर पूरी दुनिया को सन्न कर दिया था।
ब्रिटेन
कहते हैं कि 15 मई, 1957 को ब्रिटेन ने अपने पहले हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था। हालांकि इसको लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े किए हैं और ब्रिटेन के इस दावे को गलत बताया गया है। यह परीक्षण माल्डेन आइलैंड पर किया गया था।
चीन
17 जून, 1967 को चीन ने अपना पहला हाइड्रोजन बम टेस्ट किया था। इसके 48 साल के बाद यानी साल 2015 में दुनिया को उस शख्स के बारे में पता चला था, जिसने चीन के लिए पहला हाइड्रोजन बम बनाया था। उस शख्स का नाम है 'यू मिन'। साल 2015 में उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के सर्वोच्च विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार से सम्मानित किया था।