Ajab-Gajab News in Hindi: दुनिया में हर कोई उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है। लोगों की इच्छा होती है कि वह उच्च शिक्षा हासिल कर अच्छी नौकरी पा सकें और ज्यादा से ज्यादा पैसा कमा पाएं। लेकिन एक चीनी व्यापारी की कहानी इसके बिल्कुल उलट है। चीन की एक बिजनेसमैन यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस दौरान वह करोड़पति बन गया और उसे अभी तक एडमिशन नहीं मिल पाया है।
Ajab-Gajab: परीक्षा में पास होने से पहले करोड़पति बन गया शख्स, जानिए क्या है पूरी कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इतने नंबर से नहीं मिला प्रवेश
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में यूनिवर्सिटी एंट्रेस एग्जाम का परिणाम घोषित किया गया है। इस बार वहां एक करोड़ तीस लाख लोगों ने परीक्षा दिया था। चीनी कारोबारी लियांग शी ने 27वीं बार परीक्षा में शामिल हुए थे और उनको 750 में से 424 नंबर मिले हैं। चीन के शिक्षा कानून के मुताबिक, किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा में न्यूनतम 458 नंबर आना अनिवार्य है। लियांग इस बार भी 34 नंबर से चूक गए हैं।
14 साल की उम्र से दे रहे परीक्षा
साल 1983 से लियांग यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए परीक्षा दे रहे हैं। उस समय वह सिर्फ 16 साल के थे, लेकिन उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। लियांग ने 1992 तक नौकरी करते हुए प्रवेश परीक्षा दी थी। इस दौरान वह कई तरह की नौकरी करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने साल 1992 में प्रवेश परीक्षा देना बंद कर दिया था, क्योंकि तत्कालीन नियमों के हिसाब से उनकी उम्र पूरी हो चुकी थी।
Aliens News: इस शहर पर कब्जा करना चाहते हैं एलियंस! आसमान में उड़ता दिखा यूएफओ, पहले दिखी थी रहस्यमय परछाई
शुरू किया व्यापार
साल 1990 में लियांग ने व्यापार में हाथ आजमाया, जिसमें उनको खूब सफलता मिली। अब उनकी उम्र 56 साल हो चुकी है और वह करोड़पति व्यापारी बन चुके हैं। उन्होंने मजबूरी में व्यापार शुरू किया था, क्योंकि जिस फैक्ट्री में वह नौकरी करते थे, वह दिवालिया हो गई। इसके बाद उन्होंने लकड़ी का होलसेल व्यापार शुरू किया। एक साल में उनकी 10 लाख युआन की कमाई हुई। फिर उन्होंने कंस्ट्रक्शन मटीरियल के बिजनेस की शुरुआत की, जिसमें उनको बहुत सफलता मिली।
Most Beautiful Mosques: ये हैं दुनिया की 10 सबसे खूबसूरत मस्जिदें, जानिए क्या है इनकी खासियत
इस साल से फिर देनी शुरू की प्रवेश परीक्षा
चीनी सरकार ने साल 2001 में यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम के आयुसीमा को हटा दिया। इसके बाद लियांग ने यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए फिर से प्रवेश परीक्षा देना शुरू कर दिया। लेकिन अभी भी उनको सफलता नहीं मिली है, लेकिन वह अभी भी हार नहीं माने हैं।