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अब यहां महिलाएं भी चलाएंगी ऑटो रिक्शा
इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 19 Aug 2013 06:11 PM IST
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पटना की सड़कों पर युवतियां ऑटो रिक्शा चलाती दिखें तो हैरत में पड़ने की
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जरूरत नहीं है। रविवार को पटना जंक्शन से महिलाओं ने ऑटो रिक्शा चलाना शुरू
किया है।
पटना जंक्शन के पास से चलने वाले ऑटो प्री-पेड सेवा की तरफ से इसका संचालन किया जा रहा है। पहले चरण में 14 युवतियां अपने ऑटो के साथ यहां कॉन्ट्रैक्ट साइन करा चुकी हैं।
प्री-पेड सेवा द्वारा जिस स्थान के लिए ऑटो बुक किया जाएगा, महिला चालक यात्रियों को वहां पहुंचाएंगी। यह पहला मौका है जब पटना की सड़कों पर युवतियों के चलाने जैसा साहसी कदम उठाया गया है।
समाज के हर तबके ने इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि महिलाएं हर काम में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में युवतियों के इस कदम से जिंदगी से निराश हो चुकी महिलाओं को संबल मिलेगा।
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ऑटो संघ की पहल पर पहले युवतियों का चयन किया गया, फिर उन्हें ऑटो चलाने की ट्रेनिंग दी गई। यात्री के रूप में कभी कोई मनचला मिल जाए तो उसे सबक सिखाने के लिए युवतियों को मार्शल आर्ट की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है।
मार्शल ट्रेनर नेहा ने इन्हें ट्रेंड किया है। तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद सभी युवतियां ऑटो चलाने सड़क पर उतरी हैं। युवतियां ऑटो चलाने की नई जिम्मेदारी से बेहद खुश हैं।
आनंदपुर की रहने वाली पिंकी कुमारी ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। पति काम करते हैं। ऑटो चलाकर वह अपने पति को सहयोग करना चाहती है। ऑटो चलाने के निर्णय में घरवालों का पूरा साथ मिला है।
पटना जंक्शन के पास से चलने वाले ऑटो प्री-पेड सेवा की तरफ से इसका संचालन किया जा रहा है। पहले चरण में 14 युवतियां अपने ऑटो के साथ यहां कॉन्ट्रैक्ट साइन करा चुकी हैं।
प्री-पेड सेवा द्वारा जिस स्थान के लिए ऑटो बुक किया जाएगा, महिला चालक यात्रियों को वहां पहुंचाएंगी। यह पहला मौका है जब पटना की सड़कों पर युवतियों के चलाने जैसा साहसी कदम उठाया गया है।
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समाज के हर तबके ने इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि महिलाएं हर काम में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में युवतियों के इस कदम से जिंदगी से निराश हो चुकी महिलाओं को संबल मिलेगा।
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ऑटो संघ की पहल पर पहले युवतियों का चयन किया गया, फिर उन्हें ऑटो चलाने की ट्रेनिंग दी गई। यात्री के रूप में कभी कोई मनचला मिल जाए तो उसे सबक सिखाने के लिए युवतियों को मार्शल आर्ट की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है।
मार्शल ट्रेनर नेहा ने इन्हें ट्रेंड किया है। तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद सभी युवतियां ऑटो चलाने सड़क पर उतरी हैं। युवतियां ऑटो चलाने की नई जिम्मेदारी से बेहद खुश हैं।
आनंदपुर की रहने वाली पिंकी कुमारी ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। पति काम करते हैं। ऑटो चलाकर वह अपने पति को सहयोग करना चाहती है। ऑटो चलाने के निर्णय में घरवालों का पूरा साथ मिला है।