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विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर, बिहार में राजद का छोटा भाई बनने को तैयार नहीं कांग्रेस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Thu, 13 Dec 2018 04:56 AM IST
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पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद बिहार में उसका साइड इफेक्ट दिखने लगा है। राजग और महागठबंधन दोनों ही खेमों में ‘बिग ब्रदर’ के सवाल पर बयानबाजी शुरू हो गई है। तीन राज्यों में कांग्रेस की वापसी से बिहार कांग्रेस के अंदर आत्मविश्वास बढ़ा है और बिहार में भी पार्टी के नेता सत्ता में वापसी के सपने बुनने लगे हैं। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव लोकसभा चुनाव के लिए प्रस्तावित गठबंधन में सीटों के बटवारे पर देखने को मिलने वाला है।
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कांग्रेस ने बुधवार को साफ शब्दों में कह दिया है कि वो बिहार में किसी का बड़ा भाई नहीं मानती। कांग्रेस के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में उबाल देखने को मिल रहा है। जीत से गदगद कांग्रेस अब अपनी हिस्सेदारी को लेकर मुखर हो गई है।
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कांग्रेस ने राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस हमेशा बड़ी पार्टी थी और रहेगी। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने साफ तौर पर कहा है कि तीन राज्यों में मिले जनादेश ने यह साबित कर दिया है कि बड़ा भाई कौन है। कादरी ने साफ तौर पर कहा कि बिहार में कांग्रेस छोटा भाई कैसे हो सकता है। 2019 में विधान सभा का नहीं लोक सभा का चुनाव होना है।
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दरअसल राजद विधायक और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा था कि बिहार में राजद ही बड़ा भाई है और बड़े भाई के सामने कोई नहीं बोलता। इसके बाद कांग्रेस अपना पक्ष रख दिया है। कहा जा रहा है कि राजद खुद 20 सीटों पर जबकि कांग्रेस को 10 से 12 सीटें देने की सोच रहा है। कांग्रेस 14 से 16 सीटों पर दावा करती रही है। ताजा परिणाम के बाद कांग्रेस अब राजद से बराबर की सीटें चाह रही है। देखना होगा कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के आने के बाद के इस साइड इफेक्ट से महागठबंधन के दल कैसे निपटते हैं।