बिहार में जल आपदा: अबतक 29 लोगों की मौत, राजधानी पटना के अधिकांश घरों में घुसा पानी
- बिहार में बाढ़ से बेहाल हैं लोग, जनजीवन अस्त व्यस्त
- चार दिन से लगातार हो रही बारिश, बाढ़ जैसे हालात
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मांगी केंद्र सरकार से मदद
- अपने पुश्तैनी घर में फंसे थे डिप्टी सीएम सुशील मोदी
- सोमवार की दोपहर कराया गया रेस्क्यू, मिली राहत
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बिहार में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने लोगों को बेहाल कर रखा है। बारिश और बाढ़ से अबतक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पटना में कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो पूरी राजधानी में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति है। सड़कों पर गाड़ियों की जगह नाव नजर आ रहे हैं। प्रदेश के 14 जिलों में रेड अलर्ट घोषित है।
#WATCH People move to safer places on JCB machines and tractors in Kankarbagh area of Patna. #BiharFloods pic.twitter.com/oyDZCElvC0
— ANI (@ANI) September 30, 2019विज्ञापन
पटना में नेता और मंत्रियों के आवास तक में पानी भरा हुआ है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तीन दिन से अपने पुश्तैनी घर में फंसे हुए थे, जिनका सोमवार की दोपहर रेस्क्यू कराया गया।बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। नीतीश सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए वायुसेना से दो हेलिकॉप्टर मांगे हैं। साथ ही शहर से पानी निकालने के लिए कोयला मंत्रालय से पंप भी मांगा है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के अनुसार, वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर पटना पहुंच चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर बिहार में दिख रहा है। बिहार के भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, सुपौल, अररिया, किशनगंज, बांका, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, दरभंगा, वैशाली और मुंगेर को रेड कैटगरी में रखा गया है। इसके अलावे अन्य कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
रविशंकर बोले- बिहार सरकार के पीछे खड़ी है केंद्र सरकार
केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार में प्राकृतिक आपदा है। कोई परेशान न हों, जो जहां भी फंसे हैं, उनका रेस्क्यू कराया जाएगा। बिहार सरकार के पीछे भारत सरकार खड़ी है। हर संभव मदद की जाएगी। केंद्र सरकार मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
राहुल गांधी ने जताई संवेदना, कार्यकर्ताओं से मदद करने को कहा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में बारिश और बाढ़ से मरने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं और कई लोगों की मौत की खबरें हैं। उन्होंने ट्वीट कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीड़ित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्य में तत्काल जुट जाने की अपील की है।
#BiharFloods से हालात बेकाबू हो गए हैं और कई लोगों की मौत के समाचार हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 30, 2019
जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे प्रभावित लोगों के राहत और बचाव कार्य में तत्काल जुट जाएं।https://t.co/fENamcnzsR
एनडीआरएफ की टीमें तैनात, कराया जा रहा रेस्क्यू
इससे पहले राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने रविवार को बाढ़ वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भारतीय सेना के जवानों ने भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में मदद की। अब तक एनडीआरएफ ने दो लोगों की जान बचाई है और 4945 लोगों और 45 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
गृह राज्य मंत्री, नित्यानंद राय ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 19 एनडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया है। टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अन्य एजेंसियों के साथ बचाव और निकासी अभियान चला रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संबंधित मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित राज्यों से संपर्क बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करें।
सीएम नीतीश बोले- एकजुट होकर कर रहे काम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना में जलजमाव वाले इलाकों का दौरा करने के बाद कहा था कि यह हमारे हाथ में नहीं था। राज्य सूखे की स्थिति में था और अब बाढ़ आ गई। आपदाओं में हम पीड़ितों की हर संभव सहायता का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा था कि प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। कोई सूचना नहीं है कि कब रुकेगी। मौसम विभाग भी सटीक अनुमान नहीं लगा पा रहा है। इससे मुश्किलें तो पैदा हो रही हैं, लेकिन हर जगह आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन एकजुट होकर काम कर रहा है।
फिलहाल राजधानी पटना समेत प्रदेश के 15 जिलों में जनजीवन अस्त—व्यस्त है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोग किसी तरह अपनी जरुरतें पूरी कर पा रहे हैं। लोगों को प्रशासन और सरकार से राहत और बचाव कार्य तेज करने की उम्मीद है।