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सेनारी नरसंहार मामले में 15 दोषी करार, 23 बरी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 27 Oct 2016 05:00 PM IST
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- फोटो : social media
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बिहार के बहुचर्चित सेनारी नरसंहार केस में जहानाबाद जिला कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 15 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20 को बरी कर दिया है। अब इस मामले में कोर्ट 15 नवंबर को दोषियों की सजा का एलान करेगा।
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न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभियुक्तों में गौरी मांझी, व्यास यादव तथा दुखन मांझी को छोड़ शेष सभी अभियुक्त कोर्ट में उपस्थित थे। इनमें दुखन मांझी को रिहा कर दिया गया। गौरतलब है कि करीब 17 साल पहले 18 मार्च 1999 की देर शाम प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के हथियारबंद दस्ते ने सेनारी गांव में एक जाति विशेष के 34 लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इस मामले में चिंता देवी के बयान पर गांव के 14 लोगों सहित कुल 70 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। चिंता देवी के पति अवध किशोर शर्मा और उनके बेटे मधुकर की भी वारदात में हत्या कर दी गई थी।
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यह मुकदमा लंबे समय तक चला। इस दौरान वादी चिंता देवी की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। चार आरोपियों की भी मौत हो चुकी है। 34 का ट्रायल पूरा हो चुका है, जिनकी गिरफ्तारी हो चुकी थी। ये सभी जेल में हैं। इस हत्याकांड के 66 गवाहों में से 32 ने सुनवाई के दौरान गवाही दी।
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इस घटना को लेकर बिहार में काफी बावल मचा था। उस समय प्रदेश में लालू प्रसाद की सरकार थी, लेकिन लोग इतने गुस्से में थे कि वे वहां आ नहीं पाये थे। केन्द्र सरकार में बतौर मंत्री जार्ज फर्नाडिश, नीतीश कुमार तथा यशवंत सिन्हा वहां आये थे और उन नेताओं के आने के बाद हीं शवों को उठाया गया था।