Bihar News : जातीय गणना के विरोध में उपेंद्र कुशवाहा का राजभवन मार्च, कुशवाहा समाज की आबादी कम दिखाने का आरोप
उपेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि जातीय गणना की रिपोर्ट में गड़बड़ी की गई है। उनका दावा है कि लोगों के घरों में जाकर जाति नहीं पूछी गई है और सर्वे टीम ने घर में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी है।
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जातीय गणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद पहली का कोई दल विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर आंदोलन कर रहा है। राष्ट्रीय लोक जनता दल और एनडीए के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा आज राजभवन मार्च करने जा रहे हैं। कुछ ही देर में वह गांधी मैदान से राजभवन की ओर अपने समर्थकों को साथ कूच करने वाले हैं। एक समय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे उपेंद्र कुशवाहा आज अपने मार्च के जरिए अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। इधर, मार्च के दौरान विधि व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पटना जिला प्रशासन की ओर से पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात कर दिए गए हैं।
कुशवाहा समाज की आबादी जान बूझकर कम दिखाई गई
दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि जातीय गणना की रिपोर्ट में गड़बड़ी की गई है। उनका दावा है कि लोगों के घरों में जाकर जाति नहीं पूछी गई है और सर्वे टीम ने घर में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी है। यही कारण है कि बिहार में कुशवाहा समाज समेत अन्य कई ऐसे समाज है, जिनकी आबादी कम दिखाई गई है। गणना की रिपोर्ट के विरोध में वह राजभवन मार्च करेंगे। उपेन्द्र कुशवाहा का कहना है कि कुशवाहा समाज की आबादी जान बूझकर कम दिखाई गई है। इसी को लेकर कुशवाहा समाज आज राजभवन मार्च करेगा।
राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से जातीय गणना की रिपोर्ट जल्दबाजी में पब्लिश
उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा नेताओं का आरोप है कि महगठबंधन सरकार ने आगामी चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से आननफानन में जातीय गणना की रिपोर्ट पब्लिश की है। इसमें जातीयों के मूल आंकड़ों के साथ खिलवाड़ किया गया है। कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया है कि बिहार जातीय गणना रिपोर्ट में कुर्मी कोइरी, अनुसूचित जाति और जनजाति, अति पिछड़ा समेत कई अन्य जातियों के आंकड़ों को पहले की तुलना में कम करके बताया गया है। यह गरीब और वंचित वर्गों के साथ अन्याय है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। बिहार सरकार को फिर से