फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Upendra Kushwaha fire on Nitish Kumar JDU parliamentary board president post has no rights

नीतीश पर बरसे उपेंद्र कुशवाहा: "संसदीय बोर्ड अध्यक्ष बना मगर अधिकार के नाम पर झुनझुना, वापस ले लें सारे पद"

Tue, 31 Jan 2023 12:48 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Tue, 31 Jan 2023 12:48 PM IST
सार

Upendra Kushwana News : उपेंद्र कुशवाहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान पर गरम हैं। कुशवाहा बोले- "मुझे भी शुरू में लगा कि जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष का पद बनाया गया है तो काम भी मिलेगा, अधिकार भी मिलेंगे। लेकिन, मिला झुनझुना!"

विज्ञापन
Upendra Kushwaha fire on Nitish Kumar JDU parliamentary board president post has no rights
कुशवाहा कभी शांत हो रहे तो कभी खुलकर जवाब दे रहे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जनता दल यूनाईटेड (JDU) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयानों पर अपना गुस्सा उतारा है। उन्होंने कहा कि "वह कह रहे हैं कि इज्जत दी। मुझे भी शुरू में लगा कि पार्टी के संविधान से अलग जाकर मेरे लिए जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष का पद बनाया गया है तो काम भी मिलेगा, अधिकार भी मिलेंगे। लेकिन, मिला झुनझुना।" कुशवाहा ने कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा करने की स्थिति में भी नहीं हूं। पार्टी के संविधान में सिर्फ लाइन जोड़ दी गई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य मनोनीत करेंगे। मतलब, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष को अपने ही बोर्ड के लिए सदस्यों के मनोनयन का भी अधिकार नहीं। हद यह है कि दो साल में न तो मुझे यह अधिकार सौंपा गया और न ही राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बोर्ड के सदस्य ही चुनकर दिए।

विज्ञापन


सुझाव मांगे नहीं, कुछ कहा तो उसे माना नहीं
कुशवाहा ने कहा कि जदयू के अंदर संसदीय बोर्ड का गठन होता तो हर चुनाव के उम्मीदवारों के चयन की बाकायदा प्रक्रिया होती। आजतक कोई बैठक नहीं हुई। होगी भी क्या, जब सदस्य ही नहीं। इस बीच कई चुनाव, उपचुनाव हुए, लेकिन सलाह नहीं मांगी गई। बोर्ड की भूमिका वाले मौकों पर भी मेरी सलाह की जरूरत नहीं समझी गई। मैंने जब मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष को सुझाव दिए तो उनपर अमल नहीं किया गया। मैंने कुछ गलत कहा तो वह बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ हो ही नहीं रहा। विधान परिषद के सदस्यों के चयन-मनोनयन के समय भी मैंने कहा कि अतिपिछड़ा समाज के एक्टिव नेता को लाएंगे तो उचित हिस्सेदारी का मैसेज जाएगा, लेकिन यहां ताे कुछ सुना ही नहीं जा रहा।
विज्ञापन


जिन्हें मंत्री बनाया, उनके पास भी अधिकार कहां
कुशवाहा ने कहा कि लीडरशिप क्वालिटी वाले नेता को आगे बढ़ाना पार्टी की जिम्मेदारी है। इसी कारण मैंने सुझाव दिया था कि अतिपिछड़ा समाज के किसी व्यक्ति को राज्यसभा या विधान परिषद में भेजा जाए। क्षेत्र तक सीमित रहने वाले नेता और मंत्री का हाल छिपा नहीं है। मंत्री ट्रांसफर तक नहीं करा पाते, विभाग अफसर चला रहे। कुशवाहा ने मदन सहनी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका प्रकरण सामने रखते हुए कहा कि एक मंत्री ने अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाने की स्थिति में इस्तीफे की पेशकश तक कर दी। यह क्या है? यह मानक स्थिति है?
विज्ञापन
विज्ञापन




नीतीश ने लालू से मांगा था हिस्सा, तब...
हिस्सा मांगे जाने की बात पर घिरे कुशवाहा ने कहा कि मैं तो बिना हिस्सा लिए नहीं जाऊंगा। आज हिस्से की बात पर मजाक उड़ाने वाले यह याद करें कि 12 फरवरी 1994 में गांधी मैदान में आयोजित रैली के दौरान नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव ने भी हिस्सा ही मांगा था। आज उसी तरह का हिस्सा उपेंद्र कुशवाहा भी मांग रहा है तो यह कैसे नाजायज है। और, अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ बोलने के लिए मुझसे प्रेम नहीं करते तो मुझे भगाने या मेरे भाग जाने की बात नहीं करते।

मंत्री पद छोड़ने वाले को MLC बनाने की धौंस! ले लें वापस
कुशवाहा ने कहा कि राज्यसभा की सदस्यता समेत केंद्रीय राज्यमंत्री का पद छोड़ने वाले से धौंस दी जा रही कि उसे विधान परिषद् का सदस्य बनाकर उपकार किया गया। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत ऐसा बयान देने वाले कई नेताओं को एक साथ बिना नाम लिए जवाब देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ऐसा बोलने वालों को समझना होगा कि मैं सरकारी नौकरी नहीं कर रहा हूं। यह भी एक लॉलीपॉप है। पार्टी चाहे तो एमएलसी और संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष दोनों वापस कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed