बिहार की दो लड़कियों को स्पेन और न्यूजीलैंड की महिलाओं ने लिया गोद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार की दो लड़कियों को स्पेन और न्यूजीलैंड की महिलाओं ने गोद ले लिया है। यह दोनों लड़कियां बिहार के भागलपुर जिले से हैं। इन दोनों लड़कियों को उनके जैविक माता-पिता ने छोड़ दिया था। इन लड़कियों को बिहार राज्य दत्तक संसाधन एजेंसी (एसएआरए) की देखभाल के तहत पटना में लाया गया था और गुरुवार को उन्हें दत्तक मां को सौंप दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दो सालों से राज्य दत्तक संसाधन एजेंसी में रहने वाली चार वर्षीय बच्ची प्रीती को स्पेन के सुसाना गोमेज ने गोद लिया, जो अपने देश के कृषि विभाग में काम करती है। इसके अलावा दूसरी सात वर्षीय लड़की मीनू भारती को न्यूजीलैंड के क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक मेलानी कैथलीन मैरी सिमंस ने गोद लिया हैं। मीनू 2012 से राज्य दत्तक एजेंसी में थी। बता दें कि सिमंस ने तीन साल पहले दिल्ली की राज्य दत्तक एजेंसी से एक और भारतीय बच्चे को गोद लिया था।
भारत एकल माता-पिता को बच्चों को गोद लेने की देता है इजाजत
सिमंस ने संवाददाता को बातचीत के दौरान बताया, 'मैंने भारत को चुना क्योंकि यह एकल माता-पिता को बच्चों को अपनाने की इजाजत देता है।' दोनों विदेशी महिलाओं ने एक साल पहले केन्द्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) में पंजीकृत करा रखा था।
एक सूत्र ने बताया माताओं और उनके बच्चों के बीच एक ऑनलाइन बैठक का भी आयोजन किया गया। उन्होंने सारे मानदंडों को पूरा किया है। सीएआरए के ब्रजेश कुमार के मुताबिक, बिहार में 21 पंजीकृत एजेंसियां हैं इनमें 189 बच्चे हैं जिन्हें गोद लिया जा सकता है।
गोद लेने के लिए उनमें से 103 बच्चों की कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। 103 बच्चों में से बारह लड़के और 60 लड़कियों को पहले ही गोद लिया जा चुका है। उनमें से नौ बच्चों को विदेशी नागरिकों द्वारा अपनाया गया है।