फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   treatment stop of doctor Strike, 128 dead children's 

हड़ताल के कारण थम गया इलाज, 128 हुआ बच्चों की मौत का आंकड़ा, रोते रहे मरीजों के परिजन

Tue, 18 Jun 2019 04:51 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, पटना
अमर उजाला ब्यूरो, पटना Published by: Avdhesh Kumar Updated Tue, 18 Jun 2019 04:51 AM IST
विज्ञापन
treatment stop of doctor Strike, 128 dead children's 
बिहार में दिमागी बुखार का कहर - फोटो : PTI
बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी दिमागी बुखार से होने वाली बच्चों की मौत का आंकड़ा 128 तक जा पहुंचा है। पिछले 24 घंटे में 11 और बच्चों की मौत हो गयी है। इस बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने बिहार में और कठिनाई पैदा कर दी है। हड़ताल का स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। मुजफ्फरपुर में ओपीडी काउंटर पूरी तरह से बंद रहा। दूर-दराज से आये मरीजों और परिजनो को भारी परेशानी हुई। जहां ओपीडी के बाहर मरीजों के परिजन दहाड़ मारकर रोते रहे, वहीं हड़ताल पर गये डॉक्टर बंगाल सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
विज्ञापन


मुजफ्फरपुर में एईएस की चपेट में आने से बच्चों की लगातार मौत हो रही है। वहीं, डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों के प्रति उनकी संवेदना को लेकर लोग गंभीर सवाल खड़े करते दिखे। राजधानी पटना के पीएमसीएच में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से अब तक 11 बच्चे भर्ती हुए हैं। एक बच्चे की मौत हो गई जबकि 10 बच्चों का इलाज जारी है। वहीं, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम वार्ड में भी कई बच्चे भर्ती, हैं जिनमें से 5 बच्चों की हालत गंभीर है। 
विज्ञापन


पीएमसीएच में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा। सोमवार सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही और मरीज कतारों में लगकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने मिल कर सभी विभागों का ओपीडी ठप कर दिए। दसरी ओर, बच्चों की मौत को लेकर राजनीति भी शुरु हो गई है। बिहार के आईएमए, आरडीए, जेडीए, एफडीए सहित आईजीआईएमएस में भी हड़ताल से मरीजों का बुरा हाल है। दूर-दूराज से आये मरीजों के पास इलाज का कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं, निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकों ने कामकाज ठप कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर मुकदमा, 24 को होगी सुनवाई 

चमकी बुखार के कहर से बच्चों की हो रही लगातार मौत को लेकर मुजफ्फरपुर के सीजीएम कोर्ट में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया गया है। कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की तारीख 24 जून मुकर्रर की है। सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी की ओर से दायर परिवाद में लिखा गया है कि जागरूकता अभियान के अभाव में बच्चों की मौत हुई है। पिछले कई वर्षों में सैकड़ों बच्चों की मौत हुई है फिरभी इस पर अब तक कोई शोध (रिसर्च) कार्य नहीं किया गया। हाशमी का कहना है कि सरकार की लापरवाही के कारण बच्चों की जान जा रही है।

केंद्र से मदद की मांग करेगा बिहार - मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में एईएस से बच्चों की हुई मौत का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठायेंगे। उन्होंने कहा कि 21 जून को दिल्ली के विज्ञान भवन में केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक में मुजफ्फरपुर और आस-पास के जिलों में फैले एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बच्चों की होने वाली मौत के मुद्दे को उठा कर प्रभावित जिलों के प्रखंडों में बच्चों के लिए आईसीयू और वायरल शोध केन्द्र स्थापित करने के लिए केन्द्रीय मदद की मांग करेंगे। 

उन्होंने कहा कि इसी दिन नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी कौंसिल की बैठक में भी भाग लेंगे जिसमें मुख्य रूप से राजस्व संग्रह, नये रिटर्न के फॉरमेट और ई-चालान आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed