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पुलिस बिना शिक्षक नहीं बांट सकते पोशाक: शाही
मुजफ्फरपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 19 Jan 2013 05:47 PM IST
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कम उपस्थिति के चलते विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, पोशाक और साइकिल का लाभ न पा सकने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक स्कूल पहुंच कर शिक्षकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। ऐसे में प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव महेंद्र शाही ने कहा कि बिना पुलिस के राशि का वितरण असंभव है।
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महेंद्र शाही दामचुक स्थित शिक्षक संघ भवन में शुक्रवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत की उपस्थिति लोग नहीं मानते। लोगों का कहना है कि हमें पोशाक चाहिए। मेरा बच्चा स्कूल में जाता है। उपस्थिति हम नहीं जानते हैं। राशि नहीं मिली तो स्कूलों में तालाबंद कर पिटाई करेंगे। ऐसी स्थिति में भला कैसे काम किया जा सकता है।
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नियमों के अनुसार राशि पाने के लिये विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत तक होनी अनिवार्य है। लेकिन इतने बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बहुत से विद्यार्थियों को विभागीय लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते अभिभावक रोष प्रकट कर रहे हैं। इस संबंध में जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रद्युम प्रसाद सिंह, प्रधान सचिव राज किशोर तिवारी व उप प्रधान सचिव भूपनारायण पांडेय ने कहा कि विभाग को शिक्षकों की मर्यादा का जरा भी ख्याल नहीं है।
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उन्होंने कहा कि विद्यालयों में हंगामे की सूचना देने के बाद पुलिस नहीं पहुंचती है। बैंक से रुपये लेकर स्कूल तक आना जोखिम भरा काम है। शिक्षकों की जान को खतरा है। ग्रामीण बैंक मोटी रकम देने से मना कर देता है। चार लाख रुपये से ज्यादा रखने की व्यवस्था ग्रामीण बैंकों में नहीं है। प्रशासन विभाग व शिक्षा विभाग के इस रवैये से शिक्षकों और विद्यार्थियों का भला नहीं हो सकता है।