BPSC Result : बीपीएससी ने शिक्षक चुना, शिक्षा विभाग ने नियुक्ति रोकी; टीआरई 2.0 का नियम टीआरई 1.0 पर थोपा
BPSC TRE 1.0 : एनआईओएस से डीएलएड डिग्री लेने वाले अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई जिलों में उनका काउंसलिंग हो रहा है जबकि कई में नहीं हो रहा है। नियम सबके लिए बराबर हो। शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले और हमलोगों का काउंसलिंग करवाएं।
विस्तार
शिक्षक भर्ती के पहले चरण की परीक्षा के सप्लीमेंट्री रिजल्ट में पास हुए अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें सोमवार यानी 25 दिसंबर को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। इनमें से वैसे अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्होंने अपना डीएलएड एनआईओएस से किया था, उनकी काउंसलिंग होल्ड कर कर दी गई है। अभ्यर्थी जब काउसलिंग कराने पहुंचे तब इसकी जानकारी दी गई। कहा कि शिक्षा विभाग का आदेश है, इसलिए एनआईओएस से डीएलएड डिग्री लेने वालों की काउंसलिंग नहीं की जा रही है। यह सुनकर शिक्षक अभ्यर्थी हैरान रह गए। समस्तीपुर, मधेपुरा, पूर्णिया समेत कई जिलों से यह बात सामने आई। समस्तीपुर और मधेपुरा के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी का कहना है कि शिक्षा विभाग से इनके काउंसलिंग का आदेश नहीं आया है इसलिए रोक लगाई गई है। एनआईओएस से डीएलएड डिग्री लेने वालों की काउंसलिंग को होल्ड कर दी गई है। विभाग से आदेशानुसार ही कार्य किया जाएगा।
सप्लीमेंट्री रिजल्ट से चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय क्यों हो रहा है?
इधर, काउंसलिंग कराने पहुंचे अभ्यर्थियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनआईओएस से डीएलएड डिग्री वाला आदेश तो शिक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण से लागू हुई है। पहले चरण में तो हजारों अभ्यर्थियों का चयन हो गया। कई अभ्यर्थियों ने वेतन भी उठा लिया। वह नौकरी कर रहे हैं। उन्हें तो नौकरी से नहीं हटाया गया। ऐसे में पहले चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के सप्लीमेंट्री रिजल्ट से चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय क्यों हो रहा है? एनआईओएस से डीएलएड डिग्री लेने वाले अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई जिलों में उनका काउंसलिंग हो रहा है जबकि कई में नहीं हो रहा है। नियम सबके लिए बराबर हो। शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले और हमलोगों के काउंसलिंग करवाएं।
दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मान्य
28 नवंबर 2023 को आदेश दिया था कि एनआईओएस से ओपन व डिस्टेंड मोड से 18 माह का डीएलएड कोर्स की मान्यता खत्म कर दी गई है। बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली में कहा गया है कि किसी भी डिग्री की मान्यता पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की सलाह पर शिक्षा विभाग का फैसला अंतिम होगा। बीपीएससी ने स्पष्ट कहा था कि दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में एनआईओएस से डीएलएड डिग्री पर आए सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य होगा। इसको लेकर बीपीएससी पहले ही गाइडलाइन जारी कर चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है पहले चरण में एनआईओएस से डीएलएड डिग्री लेने वालों का क्या होगा? बीपीएससी टीआरई 1.0 पास करके जो लोग नौकरी कर रहे हैं तो क्या उन्हें हटा दिया जाएगा। या फिर सप्लीमेंट्री रिजल्ट से पास अभ्यर्थियों को काउंसलिंग कराने की अनुमति दी जाएगी।