शहाबुद्दीन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार, आज होगी सुनवाई
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शहाबुद्दीन मामले में लगातार सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी झेल रही बिहार सरकार को एक बार फिर फटकार लगी है। बुधवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को इस बात के लिए फटकारा कि शहाबुद्दीन के खिलाफ अभी तक सभी मामलों में राज्य सरकार सोई रही और पैरवी करने में ढिलाई बरती जिसकी वजह से उसे हाइकोर्ट से जमानत मिल गई।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात से भी नाराजगी जताई कि मौजूदा मामले में भी राज्य सरकर ने हाइकोर्ट के सामने पूरे साक्ष्य नहीं रखे और दो भाइयों की हत्या के मुकदमे में पैरवी में भी ढिलाई बरती जिसकी वजह से हाइकोर्ट के सामने उसे जमानत देने के सिवाय कोई चारा नहीं रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा हाइकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार सोती रही जिसका फायदा शहाबुद्दीन को मिल गया। जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस अमिताभ राय की पीठ ने सरकार के सामने एक के बाद एक प्रश्नों की लाइन लगा दी।
जमानत पर आज आदेश दे सकता है सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने पूछा कि जब शहाबुद्दीन को 45 मामलों में जमानत मिली तब आप सो रहे थे क्या? तब आपने जमानत का विरोध क्यों नहीं किया? वह जेल से बाहर आया तो अब आपको अपनी गलती का एहसास हुआ?
जबकि इससे पहले बिहार सरकार के वकील दिनेश द्विवेदी ने शहाबुद्दीन की जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि हाइकोर्ट ने बिना तथ्यों पर निगाह डाले उसे जमानत दे दी।
बिना किसी विशेष कारण के शहाबुद्दीन को जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। हालांकि द्विवेदी ने ये भी माना कि पटना हाइकोर्ट में सरकार ने शहाबुद्दीन की जमानत का विरोध न करने की गलती की।
बता दें कि शहाबुद्दीन को जमानत मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होनी है। पूरी संभावना है कि आज सुप्रीम कोर्ट शहाबुद्दीन की जमानत के संबंध में कोई फैसला दे दे।