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राज्य के गेहूं और चावल की होगी ब्रांडिंग
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 01 Jan 2013 12:26 PM IST
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बिहार के गेहूं के आटे और चावल को देश भर में पहचान दिलाने के लिये अब उनकी ब्रांडिंग की जायेगी। साथ ही बिहार औद्यागिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की आवंटित भूमि को लेकर एक्जिट पॉलिसी बनायी जायेगी। इससे भूमि के हस्तांतरण में आसानी होगी।
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इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री की अधयक्षता में सोमवार को लगी उद्यमी पंचायत में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चावल और गेहूं अन्य राज्यों में बड़ी मात्रा में जाते हैं। लेकिन, इसकी ब्रांडिंग नहीं हो पाती है। उन्होंने राज्य के उद्यमियों को भी इसकी पहल करने को कहा और राज्य सरकार की मदद का वादा किया।
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उद्यमियों द्वारा बियाडा की जमीन लेकर उस पर कोई काम नहीं किये जाने का मामला भी पंचायत में उठा। इस पर मुख्यमंत्री को पदाधिकारियों ने बताया कि इसके लिए एक्जिट पॉलिसी बनायी जा रही है। वर्तमान में जमीन हस्तांतरण का प्रावधान महंगा है, इसलिए नयी नीति बन रही है। इसमें अगर उद्यमी जमीन लेकर किसी कारण से वहां कोई उद्योग नहीं लगा रहे हैं, तो वह किसी और को जमीन दे सकेंगे। सैकड़ों उद्यमी ऐसे हैं, जो जमीन पर कोई उद्योग नहीं लगा रहे हैं।
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इसके अलावा चर्चा में राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (एसआइपीबी) की सहमति लेने के बाद उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमी क्या कर रहे हैं, इसकी लगातार मॉनीटरिंग करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। इस पंचायत में सिर्फ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से संबंधित समस्याएं व सुझाव रखे गये। मुख्यमंत्री ने सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने का भी निर्देश दिया। साथ ही विचार किया गया कि एसआइपीबी द्वारा सहमति प्राप्त हर उद्योग का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास नहीं जाये।