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Sophia Qureshi: शाह की टिप्पणी पर भड़कीं अलका लांबा, बोलीं- महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं, ऐसे मंत्री पर...
Wed, 14 May 2025 10:41 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 14 May 2025 10:41 PM IST
सार
Sophia Qureshi Controversy: कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने कहा कि बेटियों से दुष्कर्म करने वाले इनके ही नेता हैं, जिन पर दोष साबित हो चुका है लेकिन भाजपा ने उन्हें बचाया। मां न्याय मांगती रही और पिता अदालतों के चक्कर काटते रहे। पढ़ें पूरी खबर...।
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कांग्रेस नेत्री अलका लांबा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गया जिले में बुधवार देर शाम आयोजित अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के नारी न्याय संविधान सम्मेलन में कांग्रेस महिला सेल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम में अलका लांबा ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की कर्नल सौम्या कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि देश की महिलाएं ऐसे अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगी।
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‘गुस्सा आएगा तो ऐसे मंत्री पर...’
अलका लांबा ने भाजपा नेता विजय शाह के उस बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने कर्नल सौम्या कुरैशी को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। लांबा ने कहा कि एक महिला सैनिक, जो देश की रक्षा में लगी है, उसके खिलाफ मंत्री की ऐसी बयानबाजी भारत की बेटियों और सैन्य अधिकारियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि गुस्सा आएगा तो ऐसे मंत्री पर... भी आता है। मां-बहनें ऐसी भाषा को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने कहा था कि ‘जो आतंकी पहलगाम में आए और हमारे लोगों को मार गए, उन पाकिस्तानी आतंकियों की बहन को हमने आगे किया’। अलका लांबा ने कहा कि यह न केवल एक महिला का, बल्कि सेना के अनुशासन और बलिदान का भी अपमान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
न्यायपालिका को बताया देश का अंतिम सहारा
अलका लांबा ने इस मौके पर भारतीय न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका ही अब संविधान की रक्षा कर रही है। उन्होंने बताया कि कर्नल सौम्या कुरैशी के समर्थन में कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई है, जो उम्मीद की किरण है।
संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे का आरोप
उन्होंने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को पैसे और ताकत के बल पर अपनी मुट्ठी में करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बेटियों से दुष्कर्म करने वाले इनके ही नेता हैं, जिन पर दोष साबित हो चुका है लेकिन भाजपा ने उन्हें बचाया। मां न्याय मांगती रही और पिता अदालतों के चक्कर काटते रहे।
बिहार को बताया बदलाव की धरती
अलका लांबा ने कहा कि बिहार की धरती को जिसने भी हल्के में लिया, उसे जवाब जरूर मिला है। उन्होंने कहा कि वे आज उसी पवित्र बुद्ध भूमि पर हैं, जहां से देश में बदलाव की लहर उठती है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अगले दिन बिहार का दौरा करने वाले हैं, जो प्रदेश की राजनीति में बदलाव का संकेत है।
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केंद्र द्वारा जाति जनगणना को बताया दिखावा
केंद्र सरकार की जाति जनगणना पर लांबा ने कहा कि उसे सिर्फ झुनझुना बनाकर जनता के हाथ में थमा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह देश आज बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं की असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, रसोईया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
बिहार में बदलाव की करवट का दावा
अलका लांबा ने विश्वास जताया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में जनता बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में एक नई करवट होने वाली है, जो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा की दिशा में एक निर्णायक कदम होगी। इसके साथ ही अलका लांबा ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने हालिया सीजफायर को लेकर कहा कि न तो देश को, न विपक्ष को और न ही सेना को इसकी जानकारी थी, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।