नीतीश पहुंचे शौर्य दिवस में: राजद कोटे के मंत्रियों पर गरजे नेता, सीएम आए तो आनंद मोहन की रिहाई के लगे नारे
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंच पर पहुंचने से पहले राष्ट्रीय शौर्य दिवस पर मंचासीन नेताओं ने बिहार सरकार में राजद कोटे से मंत्री रहे नेताओं के बयानों पर जमकर गुस्सा उतारा। मुख्यमंत्री पहुंचे तो पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के नारे लगे।
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जनता दल यूनाईटेड (JDU) के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा था कि मिलर स्कूल ग्राउंड पर राष्ट्रीय शौर्य दिवस पर सिर्फ राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप के लिए बातें होंगी, राजनीतिक नहीं। लेकिन, सोमवार को पौने एक बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंच पर पहुंचने से पहले मंचासीन नेताओं ने बिहार सरकार में राष्ट्रीय जनता दल कोटे से मंत्री रहे नेताओं के बयानों पर जमकर गुस्सा उतारा। मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही बिहार पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के नारे लगे। मुख्यमंत्री के आने के बाद महाराणा प्रताप को लेकर एक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई, जिसमें नीतीश कुमार का भी खुलकर गुणगान किया गया है।
मंच से दो MLC ने राजद के मंत्रियों पर बोला हमला
कांग्रेस, जाप, वीआईपी आदि के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूर्वी चंपारण से विधान पार्षद बने माहेश्वर सिंह ने भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें 10 प्रतिशत बताने वाले क्या जानें कि हमारी आबादी क्यों कम रही। उन्होंने कहा- “तुम घर में सो रहे थे तो हम देश रक्षा कर रहे थे। मुगलों की गोलियों, अंग्रेजों के तोपों से हमारी संख्या कम हुई है। हमारी माएं 12 साल के बच्चे को तिलक लगाकर युद्ध में भेजती थीं, तब तुम बचे। संख्या से क्या देखते हो? हम देश-समाज के सिपाही रहे। सिख बटालियन है, राजपूत बटालियन है...तुम्हारे नाम पर कोई है तो बता दो, तब हमारी संख्या पर बात करना।” उन्होंने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर की शिक्षा पर सवाल किया। कहा कि "जिसे रामचरितमानस का ज्ञान नहीं, वह अनपढ़ गंवार ही इसपर सवाल उठा सकता है। मानस तो क्षत्रिय धर्म बताता है। माता-पिता से हमारे रिश्ते का मर्म समझाता है। भाई-भाई का प्रेम बताता है। गुरु-शिष्य की परंपरा बताता है। पति-पत्नी का संबंध बताता है। रामचरितमानस को बैन करने की मांग करने वाले अज्ञानी और हिजड़े लोग हैं।" नालंदा-भागलपुर के स्थानीय प्राधिकार कोटे से जदयू के एमएलसी विजय सिंह ने उन्होंने कहा कि हमें घंटी बजाने वाला या अंग्रेजों का दलाल कहने वालों पर बिहार सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वह माफी मांगें या राज्य सरकार इनपर कार्रवाई करें।
SSR के नाम पर फिल्म सिटी और कॉलेज का नाम रखें
जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष और महाराणा प्रताप आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने मांग की कि सुशांत सिंह राजपूत (SSR) के नाम पर बिहार में फिल्म सिटी, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिं कॉलेज का नाम रखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि बिहार के होनहार सिने कलाकार का इतनी कम उम्र में निधन हो गया, लेकिन इसी उम्र में सुशांत सिंह राजपूत ने बिहार और बिहारियों की मुंबई में धाक जमा दी थी। मंच पर जदयू के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री संजय झा, मंत्री सुमित कुमार सिंह, मंत्री लेशी सिंह, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा आदि पहली कतार में नजर आए।