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प्रशांत किशोर के 'बात बिहार की' कार्यक्रम पर बवाल, जालसाजी का केस दर्ज

Thu, 27 Feb 2020 10:31 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आसिम खान Updated Thu, 27 Feb 2020 10:31 AM IST
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Shashwat Gautam FIR to Prashant Kishor Baat Bihar Ki program for copy content
प्रशांत किशोर (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

जेडीयू के पूर्व उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी रणनीति का लोहा मनवा चुके प्रशांत किशोर ने 'बात बिहार की' कार्यक्रम की शुरुआत की है। अब इस कार्यक्रम की वजह से प्रशांत की मु्श्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ पाटलिपुत्र थाने में जालसाजी की एफआईआर दर्ज की गई है।

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प्रशांत किशोर के खिलाफ यह एफआईआर मोतिहारी के रहने वाले शाश्वत गौतम ने की है। गौतम ने 'बात बिहार की' कार्यक्रम के लिए कंटेट की नकल करने का आरोप लगाया है। एफआईआर में एक अन्य युवक ओसामा का भी नाम है। ओसामा पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ सचिव का चुनाव लड़ चुका है। 
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एफआईआर दर्ज कराने वाले गौतम कांग्रेस के लिए भी काम कर चुके हैं। गौतम ने एफआईआर में कहा है कि उन्होंने 'बिहार की बात' के नाम से अपना एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसे भविष्य में लॉन्च करने की बात चल रही थी। ओसामा गौतम के साथ काम करते थे। तभी ओसामा ने इस्तीफा दे दिया। 

गौतम ने आरोप लगाया है कि ओसामा ने उनके प्रोजेक्ट (बिहार की बात) का सारा कंटेंट प्रशांत किशोर के हवाले कर दिया। इसके बाद प्रशांत किशोर ने सारे कंटेंट को अपनी वेबसाइट पर डाल दिया। शाश्वत गौतम ने पुलिस को इसके सबूत भी दिए हैं।

गौतम ने दावा किया है कि उन्होंने कंटेंट के साथ वेबसाइट को जनवरी में ही रजिस्टर्ड करवाया था। जबकि प्रशांत किशोर ने अपनी वेबसाइट को फरवरी में पंजीकृत करवाया। गौतम की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। 

बता दें कि प्रशांत किशोर ने 'बात बिहार की' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम को पहले दिन ही बिहार की जनता का जबरदस्त रिस्पांस मिला। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन इस कार्यक्रम से तीन लाख से  ज्यादा लोग जुड़े। इस कार्यक्रम से जुड़ने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पटना जिले के लोगों की है।


प्रशांत किशोर ने 18 फरवरी को प्रेस कांफ्रेंस में इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि मैं ऐसे लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो बिहार को अग्रणी राज्यों की दौर में शामिल करना चाहते हैं, जो लोग बिहार को अगले 10 सालों में टॉप 10 राज्यों में देखना चाहते हैं। वह इस कार्यक्रम से जुडेंगे। 

उन्होंने साफ किया था कि जब तक जीवित हूं बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित हूं, मैं कहीं नहीं जाने वाला हूं। मैं आखिरी सांस तक बिहार के लिए लड़ूंगा। 

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