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'गलत तरीके से अध्यक्ष बने हैं शरद यादव'
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 20 Apr 2013 04:19 PM IST
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जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय सचिव रहे शिवराज सिंह ने शरद यादव को तीसरी बार जदयू अध्यक्ष चुने जाने को गलत ठहराया है और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
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शिवराज सिंह ने शरद यादव के खिलाफ चुनाव आयोग को फर्जी कागजात देने की शिकायत दिल्ली के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में की है।
शिवराज सिंह का कहना है कि पार्टी संविधान के मुताबिक किसी व्यक्ति को दो बार से ज्यादा अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता। पार्टी संविधान में संशोधन किए बिना तीसरी बार अध्यक्ष बनाया जाना संवैधानिक रूप से भी गलत है।
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उन्होंने चुनाव आयोग से यादव के निर्वाचन को निरस्त करने और जदयू के राष्ट्रीय कार्यालय को सील करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शरद यादव को तीसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी की नई कार्यकारिणी और परिषद अभी नहीं बनी है।
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वहीं, पुलिस को की गई शिकायत में शिवराज सिंह ने चुनाव आयोग को दी गई पार्टी अधिकारियों की सूची और मीडिया को दी गई सूची में अंतर बताया है।
उन्होंने कहा है कि 14 मई 2010 को चुनाव आयोग के पास भेजी गई पार्टी अधिकारियों की सूची में बिहार के एक भी जदयू नेता का नाम नहीं है।
शिवराज को आरटीआई के जरिए प्राप्त चुनाव आयोग को दी गई सूची में केसी त्यागी को प्रधान महासचिव और प्रवक्ता, अरुण कुमार श्रीवास्तव, जावेद रजा और चंद्रराज सिंधवी को महासचिव, अफाक अहमद खान और बिरेंद्र सिंह विधूरी को राष्ट्रीय सचिव तथा शशिभूषण सौरभ को ट्रेजरर बताया गया है।
उधर, उसी साल 23 जून को मीडिया को दी गयी पार्टी पदाधिकारियों की जो सूची में केसी त्यागी को प्रधान महासचिव, शिवानंद तिवारी को महासचिव और प्रवक्ता, रमेंद्र कुमार रवि, श्याम रजक, भीम सिंह, गुलाम रसूल बलियावी, अरुण श्रीवास्तव, जावेद रजा, चंद्रराज सिंधवी को महासचिव बताया गया है।
शिवराज ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की जड़ बिहार में है और वहां के एक भी व्यक्ति को पदाधिकारी न बनाने के पीछे क्या मंशा हो सकती है? दूसरी ओर जदयू ने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार किया है।