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बिहार: बंजर जमीन पर 15 साल में लगाए 10 हजार पेड़, दशरथ मांझी को मानते हैं अपना प्रेरणास्रोत
Sat, 13 Feb 2021 08:35 AM IST
स्नेहा बलूनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: स्नेहा बलूनी
Updated Sat, 13 Feb 2021 08:35 AM IST
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सत्येंद्र मांझी ने बंजर जमीन पर उगाए अमरूद के पेड़
- फोटो : ANI
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बिहार के गया जिले के बेलागंज में फल्गु नदी के किनारे से गुजरने वाले राहगीरों को एक खुशबू राहगीरों अपनी तरफ खींचती है। दरअसल, यहां पर सत्येंद्र गौतम मांझी के अमरूद का बागान है। वे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रयासरत रहते हैं। अपने अमरूदों को बेचकर वे एक अच्छी आमदनी कमाते हैं। अब वे अपनी जमीन पर अमरूद की एक नर्सरी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने 50 हजार अमरूद के पौधे तैयार करने के लिए बीज लगाए हैं।
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मांझी का दावा है कि उन्होंने पिछले 15 सालों में बंजर जमीन पर 10 हजार पेड़ लगाए हैं। इनमें से ज्यादातर अमरूद के हैं। उन्होंने कहा, 'मैं दशरथ मांझी से बहुत ज्यादा प्रेरित हूं। एक बार वे मेरे घर आए थे और उन्होंने मुझे यहां पेड़ लगाने के लिए कहा। उनके कहने के बाद मैंने यह काम किया है।'
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सत्येंद्र 15 बीघा जमीन पर अमरूद की खेती करते हैं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की है। उनका कहना है कि लोगों को अपने घरों के आसपास पेड़ पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं।