{"_id":"67bf1e55ead21db2dc0b1758","slug":"nitish-cabinet-expansion-who-is-krishna-kumar-mantu-he-became-minister-made-his-grandfather-dreams-come-true-2025-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nitish Cabinet Expansion: कौन हैं कृष्ण कुमार मंटू? जो मंत्री बन दादा के सपनों को साकार किए, राजनीति दिलचस्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nitish Cabinet Expansion: कौन हैं कृष्ण कुमार मंटू? जो मंत्री बन दादा के सपनों को साकार किए, राजनीति दिलचस्प
Wed, 26 Feb 2025 07:29 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 26 Feb 2025 07:29 PM IST
सार
Krishna Kumar Mantoo: कृष्ण कुमार मंटू जो अमनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली है। मंटू सिंह परसा प्रखंड के बनौता गांव के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
कृष्ण कुमार मंटू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाशिवरात्रि के दिन सारण जिले के परसा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू को सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के शेष बचे छह महीने के लिए मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया है। इसको लेकर क्षेत्र सहित जिले में खुशी का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
हालांकि, मंत्री पद मिलना विधायक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू ने अपने दादा डॉ. सुखदेव नारायण सिंह जो वर्ष 1957 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय दारोगा प्रसाद राय से विधानसभा चुनाव हारने के बाद उनका सपना अधूरा रह गया था। लेकिन उनके पोते यानी मंटू ने उस सपने को साकार कर दिया है। क्योंकि बिहार में पहली बार चुनाव हुआ था, जिसमें इनको हार का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सारण जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र कहे जाने वाले परसा विधानसभा सह प्रखंड के बनौता पंचायत अंतर्गत बनौता मुकुंद गांव निवासी डाक विभाग में पोस्ट मास्टर लक्ष्मी नारायण सिंह का पुत्र कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह ने अपने दादा के सपनों को साकार करने के लिए राजनीति में कदम रखा था। काफी संघर्ष और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मंटू सिंह ने अपने दादा की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है।
त्रिस्तरीय पंचायत की राजनीतिक से शुरू करने वाले मंटू सिंह अब मंत्री पद संभालने वाले हैं। हालांकि, उन्होंने वर्ष 2000 में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समता पार्टी का प्रखंड अध्यक्ष पद के साथ राजनीति में कदम रखा था। जबकि वर्ष 2005 में पहली बार बनौता से मुखिया निर्वाचित हुए और 2006 में बनौता पैक्स से निर्वाचित होकर पैक्स अध्यक्ष मनोनीत हुए। यानी एक साथ पंचायत के दोहरे पद पर अपना कब्जा जमाकर राजनीतिक कद को बढ़ाया था। इसके बाद अमनौर विधानसभा का नया परिसीमन का गठन हुआ और उन्होंने 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
मंटू सिंह ने अपने राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आगे उन्होंने 2020 में जदयू पार्टी या यू कहें नीतीश कुमार से मोहभंग करते हुए भाजपा के पूर्व मंत्री सह सारण संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी के साथ होकर भाजपा का टिकट लेने में कामयाब हो गए। टिकट मिलने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्हें 26 फरवरी 2025 महाशिवरात्रि के दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। हालांकि, फिलहाल बिहार में अपनी जाति (कुर्मी) समाज के लिए पटेल छात्रावास निर्माण ट्रस्ट की स्थापना 2022 में करने के बाद जातिगत संगठन को तैयार करने में लगे हुए हैं।
मंटू सिंह की राजनीतिक यात्रा उनके दादा के सपनों को साकार करने के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने दादा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राजनीति में एक सफल करियर भी बनाया है। राजनीति के दौड़ में मंटू सिंह की पत्नी सबिता देवी भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। परसा प्रखंड के प्रमुख पद को शुशोभित कर रही हैं। उन्होंने 2006 में पहली बार बनौता पंचायत से बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुईं थी। हालांकि सबसे दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2006 से लगातार चार बार स्थानीय पंचायत से पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) सदस्य से निर्वाचित होने के साथ ही प्रमुख पद पर भी काबिज होती आ रही है।