{"_id":"667e5ef99ce7c2b3e50d8ead","slug":"gopalganj-news-a-child-who-went-to-worship-with-his-grandmother-died-after-drowning-in-a-pond-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: गोपालगंज में दादी के साथ पूजा करने गए बच्चे की पोखर में डूबने से मौत, परिजनों में कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: गोपालगंज में दादी के साथ पूजा करने गए बच्चे की पोखर में डूबने से मौत, परिजनों में कोहराम
Fri, 28 Jun 2024 12:28 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 28 Jun 2024 12:28 PM IST
सार
Gopalganj News: गोपालगंज में दादी के साथ पूजा करने गए एक बच्चे की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृत बच्चे की दादी का कहना है कि पोते की जिद की वजह से उसकी जान चली गई। वहीं, इस घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
विज्ञापन
बच्चे की मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोपालगंज जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के पास स्थित मंदिर के नजदीक पोखर में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान पिपरा गांव के जगदीश कुमार के नौ वर्षीय बेटे अनूप कुमार के तौर पर हुई है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, अनूप कुमार अपनी दादी के साथ गुरुवार की शाम मंदिर में पूजा करने गया था। जैसे ही उसकी दादी पोखर से जल भरने गई तभी पीछे से अनूप भी पोखर के किनारे गया। इसी दौरान पैर फिसलने से वह पोखर में गिर गया। उसकी दादी के चिल्लाने पर वहां लोग दौड़ते हुए पहुंचे और पोखर में बालक को खोजने लगे। हलांकि रात होने की वजह से खोजने में घंटों का समय लग गया। उसके बाद स्थानीय गोताखोरों ने उसे निकाल लिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। तत्काल ही उसे बरौली पीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टरमार्टम के लिए सदर अस्पताल गोपालगंज भेज दिया। वहीं, मौत की खबर सुन परिजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि जैसे ही बच्चे के पोखर में डूबने की सूचना मिली, तत्काल वहां कोई तैराक नहीं था। तैराकी न जानने वाले लोग डर के मारे अंदर नहीं जा सके। उसके बाद प्रशासन द्वारा गोताखोर को सूचना दी गई और गोताखोर के पहुंचने में काफी देर हो गई। साथ ही रात के अंधेरे में बच्चे को ढूंढने में अत्यधिक समय लग गया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद उसकी दादी बिलख-बिलख कर रोने लगी। वह एक ही बात कह रही थी कि मेरे बार-बार भी मना करने के बाद भी मेरा पोता मेरे पीछे-पीछे चला गया। मैं उसको अपने साथ ले जाना नहीं चाहती थी, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। आज मेरी बात मान ली होती तो वह हम सब के सामने होता।
विज्ञापन