बिहार: गोली लगने के बाद पुणे में टूटी सांसों की डोर, पैतृक गांव में सैन्य सम्मान से जवान को अंतिम विदाई
सारण के दिघवारा निवासी सेना के जवान राजेश कुमार सिंह का पुणे में इलाज के दौरान निधन हो गया। ड्यूटी के दौरान 11 सितंबर को अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी। शुक्रवार को तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव फकुली पहुंचा, जहां सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी।
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सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत हराजी पंचायत के फकुली गांव निवासी सेना के जवान राजेश कुमार सिंह की पुणे में इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग उनके घर पहुंच गए। परिजनों के विलाप से पूरा गांव शोक में डूब गया।
राजेश कुमार सिंह के निधन की खबर मिलते ही सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध लोग उनके घर पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सेना के जवानों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बोधा छपरा स्थित गंगा घाट ले जाया गया।
आमी के गंगा घाट पर सेना के जवानों ने राजेश कुमार सिंह को अंतिम सलामी दी। इसके बाद उनके पुत्र ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान घाट पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। हर आंख नम थी और माहौल पूरी तरह शोकाकुल बना रहा।
अपराधियों ने ड्यूटी के दौरान मारी थी गोली
परिजनों ने बताया कि अवतार नगर थाना क्षेत्र के फकुली गांव निवासी वीर बहादुर सिंह के 40 वर्षीय पुत्र राजेश कुमार सिंह थल सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सेना के ही एक अलग विंग में पुणे में कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान बीते 11 सितंबर को अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल राजेश कुमार सिंह को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मंगलवार सुबह पुणे में उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनका पार्थिव शरीर पुणे से पैतृक गांव फकुली लाया गया। गांव पहुंचने पर लोगों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान हेमनारायण सिंह, पूर्व मुखिया राकेश कुमार सिंह, डॉ. पंकज सिंह, मुनिलाल सिंह, उमाशंकर सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।

जवान को नम आंखों से दी गई सलामी

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