बिहार: सगुनी में बाढ़ के बीच पेड़ पर दिखा जंगली जानवर, मोटर बोट से पहुंची वन विभाग की टीम
सारण के तरैया प्रखंड के सगुनी गांव में बाढ़ के पानी के बीच पेड़ पर जंगली जानवर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसे तेंदुआ बताया। वन विभाग की टीम मोटर बोट से मौके पर पहुंची, लेकिन पहचान की पुष्टि नहीं हुई।
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सारण जिले के तरैया प्रखंड के सगुनी गांव में बुधवार की शाम बाढ़ के पानी के बीच पेड़ पर जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसे तेंदुआ बताया, जबकि कुछ लोगों ने चीता होने की आशंका जताई। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक जंगली जानवर की पहचान की पुष्टि नहीं की है।
जानवर दिखाई देने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सारण तटबंध पर जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार, सगुनी गांव में सारण तटबंध के नीचे बाढ़ का पानी जमा है। बुधवार शाम इसी जलभराव वाले क्षेत्र में एक पेड़ पर जंगली जानवर जैसा कुछ दिखाई दिया। इसे देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते सूचना पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से दूर रहने की सलाह दी।
जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मुखिया सुशील कुमार सिंह ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तटबंध के समीप बाढ़ के पानी के बीच पेड़ पर जंगली जानवर दिखाई देने की बात कही और इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलने पर मसरख वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मोटर बोट के सहारे बाढ़ के पानी से घिरे संभावित इलाके का जायजा लिया और जंगली जानवर की मौजूदगी के संबंध में जानकारी जुटाई। वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। हालांकि, देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पेड़ पर दिखाई दिया जानवर वास्तव में तेंदुआ था या कोई अन्य जंगली जीव।
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मुखिया सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी के बीच पेड़ पर जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना पटना स्थित वन विभाग के मुख्यालय को भी दी गई है। उन्होंने बताया कि पटना से वन विभाग की टीम आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण पहले से ही ग्रामीणों में भय का माहौल है। ऐसे में जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
घटना की सूचना फैलते ही सारण तटबंध पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुखिया सुशील कुमार सिंह और जिला पार्षद हरिशंकर सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ के पानी और पेड़ों की ओर नजरें टिकाए रहे। देर शाम तक वन विभाग की ओर से जानवर की पहचान की पुष्टि नहीं की गई थी।