बिहार: RTI में खुलासा- बोर्ड ने की लापरवाही, स्टूडेंट को 79 की जगह दिए सिर्फ 2 नंबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई है। धनंजय कुमार नाम के छात्र को हिंदी में महज 2 अंक दिए गए थे, जबकि आरटीआई में खुलासा हुआ कि उसके असल मार्क्स 79 थे। आरटीआई की माने तो धनंजय ने 500 में से 421 मार्क्स पाए हैं, लेकिन बिहार बोर्ड ने उसे 344 मार्क्स पर ही समेट दिया था।
धनंजय को बोर्ड की लापरवाही से नुकसान झेलना पड़ा है, क्योंकि उसे फेल करार दिया गया। धनंजय के भाई का कहना है कि उन्होंने इन सब के लिए करीब 6 महीने प्रशासन के चक्कर काटे हैं और इस वजह से उसका भाई डिप्रेशन में चला गया।
वहीं धनंजय का कहना है कि वो आईआईटी की परीक्षा देना चाहता था, लेकिन उसका सपना इस रिजल्ट के बाद टूट गया। धनंजय इन हालातों से गुजरा रहा था कि वो खुद को खत्म करने का प्लान बना चुका था, लेकिन परिवार का साथ होने के चलते उसे काफी मदद मिली।
पढ़ें: बिहार में फेल हुई छात्रा पहुंची HC तो बोर्ड का घोटाला उजागर, टॉपर निकली वो
ये मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ता जा रहा है, क्योंकि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी मामले पर ट्वीट किया है। दरअसल, बिहार में टॉर्प्स से जब सवाल पूछे गए थे तो वह जवाब देने में असमर्थ रहे थे और इसके बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे।
As per RTI, my brother scored 84.2%, 421 marks out of 500. Earlier, they gave him 2 numbers in Hindi instead of 79, reducing total marks to 344. He is declared failed. We have been running to authorities since past six months. He is not able to study properly: Dhananjay’s brother pic.twitter.com/evd1hgTrvW
— ANI (@ANI) November 18, 2017