बिहार में सुशासन की खुली पोल, दिनदहाड़े आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में सुशासन के भले ही लाख दावे कर लें, लेकिन यहां सुशासन कम जंगलराज ज्यादा दिखता है। किस तरह राज्य में जंगलराज अभी भी व्याप्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि मोतिहारी में मंगलवार को दिनदहाड़े एक आरटीआई कार्यकर्ता की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है।
दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह मंगलवार की दोपहर 12 बजे के करीब मोतिहारी जिला न्यायालय में किसी केस की पैरवी कर बाइक से अपने गांव राजापुर लौट रहे थे। इसी बीच अपराधियों ने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया और गोली मार कर वहां से फरार हो गए। आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल की एक लोडेड मैग्जीन बरामद की है। साथ ही राजेंद्र सिंह के पॉकेट से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। फिलहाल कई बिंदुओं पर इस मामले की तहकीकात चल रही है। मोबाइल से सहारे भी अपराधियों के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरटीआई कार्यकर्ता होने के नाते राजेंद्र सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत कई घोटालों का पर्दाफाश किया था। यही कारण है कि इलाके में उनके दुश्मनों की एक लंबी लिस्ट है।
इसके अलावा उनका अपने सगे भाई से भी जमीन को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा था। पुलिस हर एक एंगल से जांच कर रही है। हालांकि परिजनों ने इस मामले में अभी तक थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। पुलिस का कहना है कि कई एंगल से इस मामले की जांच चल रही है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।