समधी के बाद सबसे खास ने छोड़ा लालू का साथ
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समाजवादी पार्टी के मुखिया और लालू यादव के समधी मुलायम सिंह यादव के महागठबंधन से नाता तोड़ने की खबर से लालू अभी संभले भी नहीं थे कि उनके खासमखास और पार्टी उपाध्यक्ष रघुनाथ झा ने भी उनका साथ छोड़ दिया।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ ने राष्ट्रीय जनता दल में अपने समर्थकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी को अलविदा कहने की घोषणा कर दी। संभावना जताई जा रही है कि लालू का साथ छोड़कर रघुनाथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
इस संबंध में आज उनकी लखनऊ में सपा सुप्रीमो से मुलाकात भी हुई है। माना जा रहा है कि रघुनाथ को बिहार में ही पार्टी में बड़ी भूमिका देकर चुनावी तैयारियों में लगाया जा सकता है।
इसकी बड़ी वजह ये भी है कि अकेले दम पर बिहार में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही समाजवादी पार्टी के लिए रघुनाथ ही वहां बड़ा नाम हो सकते हैं।
सपा के साथ जा सकते हैं रघुनाथ झा
रघुनाथ झा को लालू यादव के खासमखास नेताओं में माना जाता है। यही कारण है लालू ने यूपीए 1 में अपने साथ उन्हें भी मंत्री बनवाया था। बिहार में रघुनाथ झा राजद के बड़े ब्राह्मण चेहरे रहे हैं।
बिहार की बेतिया सीट से सांसद रहे झा पूर्व में कांग्रेस और और वीपी सिंह के जनमोर्चा में भी रह चुके हैं। हालांकि राष्ट्रीय जनता दल का दामन थामने के बाद से पार्टी में उनकी हैसियत नंबर दो की ही रही है।
ऐसे में चुनाव से ठीक पहले रघुवंश का जाना राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसा नहीं है ये दिक्कत सिर्फ लालू यादव को ही झेलनी पड़ रही है। महागठबंधन के दूसरे साझीदार जेडीयू के नीतीश कुमार की दिक्कतें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
उनके विधायक लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं। एक दिन पूर्व मोकामा विधायक अनंत सिंह ने भी जेडीयू की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अपहरण के मामले में जेल में बंद अनंत सिंह को नीतीश कुमार का विश्वस्त माना जाता रहा है।