भाजपा के हाइटेक रथ के मुकाबले लालू की तांगा पॉलीटिक्स
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बिहार चुनावों की तारीखों की घोषणा बेशक न हुई हो लेकिन राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान में पूरा दम झोंक दिया है।
भाजपा जहां हाइटेक रथों के जरिए पूरे प्रदेश में केन्द्र सरकारी की नीतियों और योजनाओं का प्रचार करेगी वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी प्रशांत किशोर के नेतृत्व में प्रचार के लिए पूरा हाइटेक तरीका अपना लिया है।
लेकिन इन सबके विपरीत अपने ठेठ गंवई अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने चुनाव प्रचार के लिए भी देसी तरीका निकाला है। लालू की पार्टी राजद के सभी उम्मीदवार अपने अपने क्षेत्रों में तांगों पर बैठकर प्रचार करेंगे।
लालू की इस तांगा पालीटिक्स के पीछे उनकी देहात के क्षेत्रों में जबरदस्त पकड़ और उनके बीच आसानी से पहुंच को माना जा रहा है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार पार्टी अगस्त के पहले हफ्ते में ऐसे एक हजार तांगों को पूरे राज्य में भेजेगी।
माना जा रहा है आम आदमी से जुड़ने की कवायद
इस संबंध में पूछने पर लालू कहते हैं कि हमारे उम्मीदवार तांगों पर बैठकर क्षेत्र में प्रचार करने निकलेंगे, तांगा कार के मुकाबले धीमी रफ्तार से चलता है जिससे उम्मीवारों को अपने कार्यकर्ताओं और जनता से जुड़ने का ज्यादा समय मिल सकेगा।
तांगों पर पार्टी का हरा झंडा लगा रहेगा। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि सूबे की अधिकतर आबादी गांवों में ही निवास करती है ऐसे में हम पारंपरिक तरीकों से अपने कैडर का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं।
तांगा हमारी संस्कृति का हिस्सा भी है और यह ज्यादातर वोटरों तक पहुंचने का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि अगस्त के पहले हफ्ते से यह तांगा रैली शुरू हो जाएंगी, जिसमें हम काफी संख्या में तांगों को किराए पर लेंगे। जिला इकाईयों को इस संबंध में तांगों वालों से संपर्क करने के लिए कह दिया गया है।