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Darbhanga: चार दिन के नवजात की मौत पर शिशु विभाग में परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

Thu, 08 Jun 2023 01:39 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 08 Jun 2023 01:39 PM IST
सार

शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बच्चे को हार्ट की परेशानी जन्म से ही थी। बच्चे को जन्म के बाद ऑक्सीजन लेने की समस्या थी। बचाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

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Relatives did not create ruckus on the death of newborn in Darbhanga Medical College
शिशु विभाग, दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के शिशु विभाग में चार दिन के नवजात की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। परिजन के हंगामे को देख डर के कारण ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ एनआईसीयू को छोड़ का भाग खड़े हुए। स्थिति बिगड़ती देख शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बेंता ओपी की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया।

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दरअसल, शहर के अल्लपट्टी निवासी पिता दशरथ साह और मां सरस्वती देवी ने अपने चार दिन के नवजात बच्चे को इलाज के लिए डीएमसीएच के शिशु विभाग में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान बुधवार को बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बताया कि मेरा बच्चा चार दिन का था। सोमवार को दो बजे रात में भर्ती कराया गया। बच्चे को पजरा मारता था और बुखार आता था, लेकिन यहां ठीक से देखभाल नहीं होने के कारण हमारे नवजात बच्चे की मौत हो गई।
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वहीं, शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बच्चे को हार्ट की परेशानी जन्म से ही थी। बच्चे को जन्म के बाद ऑक्सीजन लेने की समस्या थी। बच्चे को गंभीर अवस्था में शिशु विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चा काफी गंभीर था। बच्चे के गंभीरता को देखते हुए उसे शिशु विभाग के आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था, लेकिन हम लोग बच्चे को नहीं बचा सके। वहीं, उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत में डॉक्टर की तरफ से किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई।

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