जदयू को फिर लगा झटका, बागी विधायक बहाल
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पटना हाईकोर्ट से जदयू को हर दिन कोई ना कोई झटका मिल रहा है। शुक्रवार को हाइकोर्ट ने जदयू के बाकी 4 बागी विधायकों की भी सदस्यता बहाल कर दी। उन्हें अब 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र में सदन जाने की कानूनी इजाजत मिल गयी है।
हालांकि ये चारों विधायक विधानसभा में किसी भी वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हाईकोर्ट के फैसले से जदयू के 4 बागी विधायकों अजीत सिंह, सुरेश चंचल, पूनम देवी और राजू सिंह को बड़ी राहत मिली है।
अजीत कुमार समेत दूसरे बागी विधायकों की दायर याचिकाओं पर न्यायमूर्ति राकेश कुमार ने गुरुवार को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वो सदन की कार्रवाई में भाग ले सकते हैं, लेकिन वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले साल पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू सहित चार विधायकों के अलावा विधानसभा स्पीकर ने इन चारों विधायकों की भी सदस्यता रद्द कर दी थी।
मिली सदन जाने की अनुमति
ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और अन्य की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने डिविजन बेंच के आदेश पर फि लहाल रोक लगाते हुए इन विधायकों को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति दे दी थी।
इसी आधार पर इन लोगों को भी अनुमति दी गयी है। मामले पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। फैसले के बाद सभी बागी विधायकों ने इसे अहंकार की हार और सच्चाई की जीत बताया है।
कोर्ट के फैसले की कॉपी लेकर विधानसभा सचिवालय पहुंचे बागी विधायकों ने कहा कि सदन के अंदर वो जनहित के मामले उठाकर सरकार को घेरने का काम करेंगे।
भावी रणनीति के सवाल पर अजीत सिंह ने कहा कि आठ में से पांच बागी विधायक मांझी जी के हम की सदस्यता ग्रहण करेंगे जबकि बाकी भाजपा में जायेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश को सत्ता से बेदखल करना ही उन लोगों का एक मात्र एजेंडा है।