'सूट बूट वाली सरकार को गरीबों की चिंता नहीं'
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आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राहुल गांधी ने पश्चिमी चंपारण के रामनगर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस रैली में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधते हुए उन्हें सूट-बूट वाली सरकार करार दिया।
राहुल गांधी ने जनता के सामने भूमि अधिग्रहण बिल, काला धन और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाते हुए मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा की मोदी की सरकार ने दावा किया था कि वह हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे लेकिन उन्होंने अब तक एक आदमी को भी नौकरी नहीं दी।
उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी चाय बेचते थे लेकिन मुझे नहीं लगता की ऐसा कुछ था। अगर ऐसा होता तो नरेंद्र मोदी को गरीबों का दर्द पता होता। वह सूट बूट वाले लोगों के साथ घूमने की बजाय गरीब जनता के दुख सुख के लिए काम करते।
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं राहुल गांधी के इन आरोपों को बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भाषण से उनकी निराशा साफ जाहिर हो रही थी। यह उनका फ्लाप शो था। उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है जिससे वह केंद्र सरकार को घेर पाएं।
इतना ही नहीं राहुल गांधी की सभा में उनके मुख्य सहयोगी दलों के नेता नीतीश कुमार और लालू यादव भी शामिल नहीं हुए। बिहार की राजनीति के इन दिग्गज नेताओं के राहुल की रैली में शामिल नहीं होने से उनके बीच के मतभेदों का साफ पता चलता है। हालांकि दोनों पार्टियों ने राहुल के साथ मंच साझा करने के लिए अपने प्रतिनिधियों को सभा में भेजा था।