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Bihar: विक्रमशिला सेतु पर बढ़ा गैप या फैली अफवाह? मंत्री के निर्देश पर हुई जांच, सामने आई पूरी सच्चाई
Wed, 10 Jun 2026 08:13 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:13 PM IST
सार
Bihar: विक्रमशिला सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने की खबरों को पथ निर्माण विभाग ने भ्रामक बताया है। विभागीय जांच, ड्रोन सर्वे और तकनीकी मापी में गैप पूर्व की स्थिति के अनुरूप पाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेतु पूरी तरह सुरक्षित है और हल्के वाहनों का परिचालन बिना किसी बाधा के जारी है।
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मंत्री इं. कुमार शैलेन्द्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विक्रमशिला सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने को लेकर प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में प्रसारित हो रही खबरों का संज्ञान लेते हुए पथ निर्माण विभाग के मंत्री इं. कुमार शैलेन्द्र ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि समाचारों एवं सोशल मीडिया में दिखाई जा रही गैप बढ़ने की खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
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ड्रोन सर्वे और तकनीकी जांच में क्या मिला?
उन्होंने बताया कि विभाग के अभियंताओं को तुरंत स्थल पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया गया। अभियंताओं द्वारा जॉइंट्स की भौतिक मापी की गई तथा सेतु के ऊपरी और निचले हिस्से की ड्रोन फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से गहन तकनीकी जांच सुनिश्चित की गई। जांच में भागलपुर की तरफ औसतन गैप 90-100 मिमी तथा नवगछिया की तरफ औसतन 40-50 मिमी पाया गया, जो पूर्व की स्थिति के अनुरूप है।
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क्षतिग्रस्त स्पैन के बाद कैसे हुई थी मरम्मत?
दिनांक 03.05.2026 की मध्यरात्रि में P2-P3 स्पैन का 34 मीटर लंबा सस्पेंडेड भाग क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके उपरांत IIT पटना द्वारा समर्पित प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर BRO की टीम से डिस्ट्रेस स्पैन में बेली ब्रिज निर्माण कराने का अनुरोध किया गया। इसके तहत चार बेली ब्रिज क्रमशः V5-P1, P1-P2, P2-P3 एवं P3-P4 के ऊपर बनाए गए।
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पहले भी इतनी ही थी जॉइंट की दूरी
निर्माण कार्य के दौरान विजुअल इंस्पेक्शन के आधार पर बैलेंस्ड कैंटिलीवर स्पैन के एक्सपेंशन जॉइंट में उत्पन्न गैप की मापी की गई थी। उस समय भी भागलपुर की तरफ औसतन 90-100 मिमी तथा नवगछिया की तरफ औसतन 40-50 मिमी गैप पाया गया था। वर्तमान जांच में भी यही स्थिति बरकरार मिली है।
सेतु पूरी तरह सुरक्षित, आवागमन जारी
कुमार शैलेन्द्र ने आश्वस्त करते हुए कहा कि विक्रमशिला सेतु पूरी तरह सुरक्षित है और एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। सेतु पर हल्के वाहनों का परिचालन पूरी तरह निर्बाध और सुचारू रूप से जारी है तथा इसमें किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
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लगातार निगरानी में है विक्रमशिला सेतु
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विक्रमशिला सेतु की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि आवागमन में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। पथ निर्माण विभाग राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।