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Bihar: नेपाल सीमा से आए जंगली हाथियों का किशनगंज में आतंक, मक्का और केले की फसल रौंदी; लाखों का नुकसान
Sun, 16 Mar 2025 12:07 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sun, 16 Mar 2025 12:07 PM IST
सार
Bihar: सवेरे 4 बजे नेपाल सीमा से 7 जंगली हाथियों का झुंड दिघलबैंक प्रखंड के पदमपुर, बारामसिया, इचामारी, इस्टेट पदमपुर, तालबारी सहित कई गांवों में घुस आया। हाथियों ने खेतों में मक्के और केले की फसल को रौंद दिया।
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हाथियों का आतंक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किशनगंज में नेपाल सीमा से आए जंगली हाथियों के झुंड ने भारी उत्पात मचाया है। हाथियों ने कई गांवों में घुसकर किसानों की फसलें बर्बाद कर दीं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हाथियों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं और रातभर रतजगा करने को मजबूर हैं।
8-10 किलोमीटर अंदर तक घुसे हाथी
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के करीब 4 बजे नेपाल सीमा से 7 जंगली हाथियों का झुंड दिघलबैंक प्रखंड के पदमपुर, बारामसिया, इचामारी, इस्टेट पदमपुर, तालबारी सहित कई गांवों में घुस आया। हाथियों ने खेतों में मक्के और केले की फसल को रौंद दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
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हर साल दोहराई जाती है त्रासदी, प्रशासन बेपरवाह
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल नेपाल से जंगली हाथियों का झुंड घुसकर फसलों को बर्बाद करता है। पहले भी हाथियों के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। इस बार भी खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे ग्रामीणों में रोष है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत और मुआवजे की मांग की है, साथ ही हाथियों को भगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
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8-10 किलोमीटर अंदर तक घुसे हाथी
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के करीब 4 बजे नेपाल सीमा से 7 जंगली हाथियों का झुंड दिघलबैंक प्रखंड के पदमपुर, बारामसिया, इचामारी, इस्टेट पदमपुर, तालबारी सहित कई गांवों में घुस आया। हाथियों ने खेतों में मक्के और केले की फसल को रौंद दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
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हर साल दोहराई जाती है त्रासदी, प्रशासन बेपरवाह
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल नेपाल से जंगली हाथियों का झुंड घुसकर फसलों को बर्बाद करता है। पहले भी हाथियों के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। इस बार भी खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे ग्रामीणों में रोष है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत और मुआवजे की मांग की है, साथ ही हाथियों को भगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।