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Bihar News: 'एक नाम, एक रजिस्ट्रेशन, दो मदरसे', कटिहार में फर्जीवाड़े की पोल खुली
Mon, 25 Aug 2025 01:16 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटिहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटिहार
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 25 Aug 2025 01:16 PM IST
सार
कटिहार के बिनोदपुर प्रखंड में एक ही नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और एफिलिएशन नंबर का इस्तेमाल कर पड़ोसी धान के खेत में फर्जी मदरसा बनवाकर सरकारी वेरिफिकेशन करवा लेने का मामला सामने आया है।
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मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कटिहार के बिनोदपुर प्रखंड से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले में सामने आया है कि एक ही मदरसे के नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और एफिलिएशन नंबर का इस्तेमाल कर पड़ोसी धान के खेत में अवैध तरीके से दूसरा मदरसा बनाया गया और उसे सरकारी वेरिफिकेशन के बाद मदरसा बोर्ड को रिपोर्ट किया गया। जानकारी के अनुसार, अख्तरूल इस्लाम दानीपुर मदरसा 1984 में स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थापित किया गया था और 1987 में मदरसा बोर्ड में इसका रजिस्ट्रेशन हुआ। इस मदरसे को लेकर पहले भी पटना उच्च न्यायालय में अलाउद्दीन बिस्मिल बनाम बिहार सरकार का मामला दर्ज था, जिसके तहत मदरसे का निरीक्षण होना था।
इसी दौरान पड़ोसी चापी गांव के कुछ लोगों ने साजिश कर धान के खेत में टीना डालकर फर्जी मदरसा बनवाया। उन्होंने पुराने मदरसे का नाम, रजिस्ट्रेशन और एफिलिएशन नंबर इस्तेमाल कर सरकारी वेरिफिकेशन करवा लिया। इस फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट को मदरसा बोर्ड को भेजा गया। दानीपुर में मौजूद असली मदरसा संचालक और स्थानीय प्रतिनिधि जिला अधिकारी से न्याय की मांग कर चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस कदम को गंभीर बताते हुए कहा कि यह पूरा मामला मदरसे की छवि को धूमिल करने की कोशिश है।
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इसी दौरान पड़ोसी चापी गांव के कुछ लोगों ने साजिश कर धान के खेत में टीना डालकर फर्जी मदरसा बनवाया। उन्होंने पुराने मदरसे का नाम, रजिस्ट्रेशन और एफिलिएशन नंबर इस्तेमाल कर सरकारी वेरिफिकेशन करवा लिया। इस फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट को मदरसा बोर्ड को भेजा गया। दानीपुर में मौजूद असली मदरसा संचालक और स्थानीय प्रतिनिधि जिला अधिकारी से न्याय की मांग कर चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस कदम को गंभीर बताते हुए कहा कि यह पूरा मामला मदरसे की छवि को धूमिल करने की कोशिश है।
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इस मामले पर जिलाधिकारी ने तुरंत जांच का आदेश दिया है। डीएम मनेश कुमार मीणा ने बताया कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि सीमांचल के इलाके में मदरसों से जुड़े विवाद समय-समय पर सुर्खियों में आते रहते हैं, लेकिन यह मामला फर्जीवाड़ा और सरकारी वेरिफिकेशन से जुड़ा होने के कारण अत्यधिक गंभीर माना जा रहा है।