Bihar News: चलती ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत, थाना क्षेत्र के विवाद में दो घंटे तक ट्रैक किनारे पड़ा रहा शव
किशनगंज के ठाकुरगंज-गलगलिया रेलखंड पर बालुबाड़ी के पास चलती ट्रेन से गिरकर पूर्णिया निवासी 45 वर्षीय विक्की सिंह की मौत हो गई। हादसे के बाद शव करीब दो घंटे तक रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा रहा क्योंकि जीआरपी, आरपीएफ, गलगलिया और कुर्लीकोट थाना पुलिस घटनास्थल के थाना क्षेत्र को लेकर उलझी रही।
विस्तार
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज-गलगलिया रेलखंड पर सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। बालुबाड़ी के पास चलती ट्रेन से गिरकर पूर्णिया निवासी 45 वर्षीय विक्की सिंह की मौत हो गई। हादसे के बाद उनका शव करीब दो घंटे तक रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा रहा। पुलिस घटनास्थल किस थाना क्षेत्र में आता है, इसी को लेकर उलझी रही, जिसके कारण शव उठाने में देरी हुई।
सिलीगुड़ी से पूर्णिया लौट रहे थे विक्की सिंह
जानकारी के अनुसार विक्की सिंह सिलीगुड़ी-कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस से सिलीगुड़ी से पूर्णिया लौट रहे थे। बालुबाड़ी के समीप किसी कारणवश वह चलती ट्रेन से गिर गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, गलगलिया थाना और कुर्लीकोट थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि चारों एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद शव को उठाने या उसे ढकने की कोई पहल नहीं की गई।
थाना क्षेत्र को लेकर चलता रहा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और जवान इस बात को लेकर बहस करते रहे कि घटनास्थल किस थाना क्षेत्र में आता है। गलगलिया थानाध्यक्ष वेद प्रकाश भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया।पुलिस के इस रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को अपने थाना क्षेत्र की सीमा की सही जानकारी नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने कहा कि एक मृत व्यक्ति को सम्मान देना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं दिखा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई
करीब दो घंटे बाद कुर्लीकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इलाका गलगलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद गलगलिया पुलिस ने तब तक कोई कार्रवाई नहीं की, जब तक एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह को मामले की जानकारी नहीं दी गई। एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद ही गलगलिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जांच जारी, जवाबदेही पर उठे सवाल
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करने वाली घटना भी है।