बाल वधू से ब्रिटेन की डेम तक का सफर

Samarth SaraswatSamarth Saraswat Updated Tue, 18 Mar 2014 01:26 PM IST
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बिहार में जन्मी और ब्रिटेन में रहने वाली आशा खेमका साधारण महिला नहीं हैं। ब्रिटेन में डेम का सम्मान पाने वाली वे भारतीय मूल की सिर्फ़ दूसरी महिला हैं। 14 मार्च को ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ ने उन्हें इस पदवी से सम्मानित किया।
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आशा खेमका का जन्म बिहार के सीतामढ़ी में एक समृद्ध परिवार में हुआ। लेकिन बचपन में ही माँ के निधन के बाद कोई 14-15 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। कुछ साल पटना में रहने के बाद वे पति और तीन बच्चों के साथ ब्रिटेन आ गईं। पर सफर आसान नहीं था।
अपने शुरुआती सफ़र के बारे में बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने बताया, "हमारा इरादा ब्रिटेन में आकर बसने का नहीं था। शुरु शुरु में अजीब लगता था। कभी बर्फ नहीं देखी थी इससे पहले। जब साड़ी और चप्पल पहनकर यहाँ बर्फ पर चलती थी तो ठीक से चलना भी नहीं आता था। फिसल जाती थी। ज़िंदगी में पहली बार गैर भारतीय लोगों को देखा।
दूसरी दिक्कत थी अंग्रेजी की। भारत में थोड़ी बहुत अंग्रेजी पढ़ी थी। लेकिन कभी अंग्रेजी में बात नहीं की थी। बस सोच लिया कि अंग्रेजी सीखनी है।
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अंग्रेजी सीखना बड़ी समस्या

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