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Bihar News : अब स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव दिल्ली तलब; मुख्य सचिव और डीजीपी को भी एनएचआरसी ने की ताकीद
Sat, 07 Oct 2023 01:42 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 07 Oct 2023 01:42 PM IST
सार
अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि पीड़िता की हालत दिनों-दिन ख़राब होती जा रही है, लेकिन आयोग के आदेश के बावजूद उसे किडनी प्रत्यारोपित किए जाने हेतु प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित किडनी कांड मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है। साथ-ही-साथ आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी बिहार को आदेश का अनुपालन कराने को अधिकृत किया है।
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चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट की मांग की थी
बता दें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग से पीड़िता के किडनी प्रत्यारोपण पर चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट की मांग की थी। इसके साथ ही आयोग ने एसएसपी व डीएम मुजफ्फरपुर से मामले के सम्बन्ध में वर्तमान स्थिति से संबंधित रिपोर्ट की मांग की थी। जो आयोग को आजतक अप्राप्त है।
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डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश
सुनीता को किडनी प्रत्यारोपित किए जाने की दिशा में भी प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई सकारात्मक पहल अबतक नहीं की गई है। अतः आयोग ने मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 के तहत नोटिस जारी कर 13 नवंबर 2023 को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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पीड़िता की हालत दिनों-दिन ख़राब होती जा रही है
मामले के सम्बन्ध में मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि पीड़िता की हालत दिनों-दिन ख़राब होती जा रही है, लेकिन आयोग के आदेश के बावजूद उसे किडनी प्रत्यारोपित किए जाने हेतु प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है, जो मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है। उन्होंने आयोग के द्वारा उठाये गए इस कदम को आवश्यक व सराहनीय बताया है।