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Hindi News ›   Bihar ›   Prashant Kishor may be join UPA in Bihar assembly election 2020

सुशील मोदी ने पूछा, प्रशांत किशोर को 2014 में मोदी और भाजपा गोडसेवादी क्यों नहीं लगे

Wed, 19 Feb 2020 09:44 PM IST
Trainee Trainee पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 19 Feb 2020 09:44 PM IST
सार

बिहार में यूपीए और उसके सहयोगी दलों में प्रशांत किशोर के बगावती सुरों से खुशी की लहर है।बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद्र मिश्र ने कहा कि किशोर को राजद-कांग्रेस गठबंधन से हाथ मिलाकर अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए।

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Prashant Kishor  may be join UPA in Bihar assembly election 2020
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

बिहार में यूपीए और उसके सहयोगी दलों में प्रशांत किशोर के बगावती सुरों से खुशी की लहर है। वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जदयू से निष्कासित प्रशांत किशोर पर तीखा हमला किया उन्होने कहा इंवेट मैनेजमेंट करने वालों की अपनी कोई विचारधारा नहीं होती। लेकिन वे अपने प्रायोजक की विचारधारा और भाषा को तुरंत अपनाने में माहिर होते हैं। मंगलवार को प्रशांत किशोर ने कहा था कि भाजपा गोडसेवादी है और उनके सहयोगी दल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री पिछलग्गू नेता हैं।

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उपमुख्मंत्री सुशील मोदी ने कहा 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत के लिए काम करने का डंका पीटने वाले व्यक्ति को बताना चाहिए उस वक्त मोदी और भाजपा उसे गोडसेवादी क्यों नहीं लगे। अब जब 8 महीने बाद बिहार में चुनाव होने हैं तब उन्हें अचानक एनडीए और उसके सहयोगी दलों में गोडसे के विचारों की छाया दिखने लगी। जनता देख रही है कि कैसे प्रायोजक प्रशांत किशोर चुनाव आते ही दूध से धुले सेक्युलर गांधीवादी का ढोंग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किशोर की पिछलग्गू नेता की टिप्पणी का जवाब देते हुए सुशील मोदी ने कहा कि प्रशांत किशोर का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है क्योंकि पितातुल्य इंसान के लिए कोई भी व्यक्ति पिछलग्गू जैसे घटिया शब्द नहीं चुनता।
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महागठबंधन में प्रशांत किशोर का स्वागत

बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद्र मिश्र ने कहा कि किशोर को राजद-कांग्रेस गठबंधन से हाथ मिलाकर अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने पूर्व भी हमारे साथ काम किया है इसलिए कोई समस्या नहीं होगी।

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा  के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रशांत किशोर को बिहार के राजनीतिक भविष्य का चिंता कर सूबे के विकास को लेकर एक सजग नागरिक बताया है। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि प्रशांत किशोर को अब पूरी ईमानदारी से एनडीए विरोधी शक्तियों से जुड़ना चाहिए, ताकि भाजपा के अगुवाई वाले इस गठबंधन को राज्य में सत्ता से बाहर किया जा सके।

महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि प्रशांत किशोर ने हमारे दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा की राज्य में बेहतर शिक्षा सुविधाओं की मांग दोहराई है। जब हमारे विचार एक हैं तो हाथ नहीं मिलाने की कोई वजह नहीं है। प्रशांत किशोर को महागठबंधन में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका खुले हाथों से स्वागत किया जाएगा।

चुनावी रणनीतिकार-राजनीतिज्ञ प्रशांत किशोर, बिहार सीएम नीतीश कुमार को पिछलग्गू बताने वाले अपने बयान पर कायम हैं। मुख्यमंत्री को दी गई संज्ञा से राज्य की सियासत में उबाल आया हुआ है। पीके के नाम से मशहूर किशोर ने कहा कि वह इस बात से नाराज हैं कि जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने राज्य के लिए बिना कोई लाभ हासिल किए ही भाजपा के सामने हथियार डाल दिए।

भाजपा को गोडसे से जोड़ने पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारों की एक मुख्यधारा की पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा की है और यह प्रवृत्ति हाल के छह -आठ महीनों में ही उभरी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सात दशकों तक केवल हाशिए के लोग ही गोडसे की यहां वहां तारीफ करते थे। उन्होंने पिछलग्गू शब्द के प्रयोग का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने वही कहा जो लोग कहते हैं। उन्होंने कहा कि वह गलत हो सकते हैं लेकिन यह उनकी अपनी राय है। 


प्रज्ञा ठाकुर पर साधा निशाना 
एक चैनल से बात करते हुए पीके ने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर से जुड़ी घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि बीते लोकसभा चुनाव के बाद हमने देखा है कि एक मुख्यधारा की पार्टी ने गोडसे की प्रशंसा में नारेबाजी की। यहां तक कि संसद में भी यही दोहराया गया। जद यू से निकाले जा चुके पीके ने कहा कि जो लोग भाजपा से जुड़े थे, उन्होंने इस अपमानजनक काम की निंदा करने तक का साहस नहीं दिखाया। 

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