बिजली की दरों में होगी 55 फीसदी की बढ़ोत्तरी
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बिहार विद्युत नियामक आयोग ने 1 अप्रैल से राजकोषीय वर्ष 2017-18 के लिए बिजली की दरों में 55 फीसदी की बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोत्तरी से बिहार में लगभग 80 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली की खपत के लिए दोगुना भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि इसको लेकर विधानसभा में विपक्षी दल भाजपा ने जमकर हंगामा किया। जानकारी के मुताबिक बिहार में पहली बार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की गई है। इससे पहले बिहार में एक ही बार में इतनी की वृद्धि नहीं की गई। आयोग ने यह फैसला पिछले वर्ष हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया है।
इस मसले पर बिहार विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एस के नेगी ने कहा कि 2016-17 में हुए बिजली की दरों में घाटे को देखते हुए 75 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया था। लेकिन आयोग ने इसको 55 फीसदी तक बढ़ाने तक का फैसला किया है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उर्जा विभाग को अनुदान से जुड़ी समीक्षा करने का आदेश दिया है। वहीं, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सरकार अनुदान से जुड़ी समीक्षा करेगी। ये तय किया जाएगा कि किस श्रेणी के बिजली उपभोक्ता को कितना अनुदान दिया जाना चाहिए।
बहरहाल, राज्य सरकार का कहना है कि बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकार इस पर विचार विमर्श करेगी। वहीं, यह भी माना जा रहा कि सरकार नियामक आयोग की मंजूरी में कटौती कर सकती है।