बिहार में बाढ़ का खतरा टला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी मिश्र ने बीबीसी को फोन पर बताया नेपाल सरकार ने बड़ा विस्फोट कर सुन कोसी नदी में जमा पानी को निकालने की योजना फिलहाल टाल दी है।
व्यास जी के अनुसार उन्हें यह जानकारी सोमवार शाम भारत सरकार से मिली।
उन्होंने आगे बताया कि रविवार को सुबह नेपाल-स्थित भूस्खलन स्थल पर छोटे-छोटे छेद कर विस्फोट कराया गया था। इसके बाद जमा पानी नियंत्रित होकर नीचे निकल रहा है और नेपाल आगे भी इसी तरीके से पानी की निकासी की योजना पर काम करेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को घटनास्थल पर कोई विस्फोट नहीं कराया गया और जमा पानी तीन इंच प्रति घंटे के हिसाब से घट रहा है।
शिविर बंद पर सुरक्षा बल तैनात
अब भी सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के बाढ़ की चपेट में आने का ख़तरा है। नई परिस्थितियों के मद्देनजर बिहार के भागलपुर, खगड़िया, मधुबनी और दरभंगा ज़िलों में प्रशासन ने तटबंध के बीच रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का काम फिलहाल रोक दिया है।
इन ज़िलों में राहत शिविर भी अब काम नहीं करेंगे लेकिन तैयार रहेंगे। साथ ही इन जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरफ की टीमें तैनात रहेंगी।
बाकी जिन तीन ज़िलों सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के बाढ़ के चपेट में आने का ख़तरा ज़्यादा है।
वहां लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम, सुरक्षा तैयारियां और निगरानी पहले की तरह जारी रहेंगी। इन तीन ज़िलों में सेना भी पहुंच चुकी है।