बिहार में शराबबंदी का पॉजीटिव इंपेक्ट आया सामने
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बिहार में इस बार होली पर शराबबंदी का असर दिखा। शराबबंदी के बाद इस पहली होली में लोगों पर रंग का नशा छाया रहा। मोहल्लों में दोपहर बाद तक लोग रंग खेलते दिखे। वर्षों बाद महिलाओं की टोली सड़कों पर रंग खेलती नजर आई, जबकि पहले की तरह सड़कों से हुड़दंगी नदारद रहे। हुड़दंगियों के कारण होली की शाम परिवार के साथ पैदल निकलना लोगों ने छोड़ दिया था, लेकिन इस बार नजारा बदला-बदला सा दिखा और देर रात तक लोग परिवार के साथ सड़कों पर दिखे।
पुलिस मुख्यालय का भी दावा है कि कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सरकारी दावों की माने तो इस साल होली के मौके पर हिंसक घटनाओं और दुर्घटनाओं में 60 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। हालांकि ये आरोप भी लग रहे हैं कि इस दौरान शराब का अवैध कारोबार चोरी छिपे जारी रहा।
राजनीतिक हलकों में होली का रंग कहीं फीका, कहीं गाढ़ा रहा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने जहां इस बार अपने आपको होली सेलिब्रेशन से दूर रखा, वहीं भाजपा के नेताओं ने जमकर रंग दिखाया। उत्तर प्रदेश में भाजपा को मिली जीत से उत्साहित रामकृपाल जहां रिक्शा चला कर गली-गली घूमे, वहीं दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया बैलगाड़ी पर सवार होकर घर से होली खेलने निकले।
बिहार पुलिस के मुखिया पीके ठाकुर भी होली के रंग में दिखे। राजद की फीकी होली पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा कि विरोधी पार्टी यदि हमारी इस सादगी भरे होली के अंदाज को उत्तर प्रदेश चुनाव से जोड़कर देख रही है, तो यह गलत है। वैसे सोमवार को सुबह से लालू आवास से बाहर सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन शाम में कुछ लोग लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे और रंग गुलाल से होली सेलिब्रेट किया गया।