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Bihar News: गन्ना यंत्रीकरण योजना के लिए पोर्टल लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान
Tue, 24 Jun 2025 07:49 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 24 Jun 2025 07:49 PM IST
सार
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के लिए पोर्टल लॉन्च किया है। इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान मिलेगा। 10 करोड़ की योजना में 33 यंत्र शामिल हैं और किसान अधिकतम तीन यंत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन ऑनलाइन लॉटरी से होगा और यंत्र की खरीद पोर्टल से ही करनी होगी।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग ने मंगलवार को गन्ना किसानों के लिए बड़ी पहल करते हुए ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ के तहत ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू कर दी। इस योजना का शुभारंभ गन्ना उद्योग मंत्री ने किया। योजना के तहत किसानों को गन्ना की खेती में आधुनिक यंत्रों के उपयोग के लिए अनुदान दिया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के क्रियान्वयन हेतु कुल 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना का उद्देश्य गन्ना की खेती में लागत को कम करना, उत्पादकता बढ़ाना और गन्ना बीज की वैज्ञानिक तरीके से रोपाई सुनिश्चित करना है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कीट-रोग नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
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गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक के आधुनिक यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के इच्छुक गन्ना किसान अपने 13 अंकों के डीबीटी पंजीकरण संख्या का उपयोग कर विभागीय पोर्टल https://ccs.bihar.gov.in या https://sugarcanemech.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान अधिकतम तीन कृषि यंत्रों पर अनुदान ले सकता है। 33 कृषि यंत्र व्यक्तिगत किसानों के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। यंत्र बैंक की स्थापना के लिए तीन समूहों का प्रावधान भी किया गया है। चयन ऑनलाइन लॉटरी (रैंडमाइजेशन) के जरिए किया जाएगा।
चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र प्राप्ति के 14 दिन के भीतर पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेता से यंत्र की खरीद करनी होगी। कार्यक्रम में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी, ईखायुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त निदेशक महेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त ईखायुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह, एनआईसी के वरीय तकनीकी निदेशक संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी और वैज्ञानिक मौजूद थे। इस योजना के जरिए बिहार में गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक और यंत्रीकृत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के क्रियान्वयन हेतु कुल 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना का उद्देश्य गन्ना की खेती में लागत को कम करना, उत्पादकता बढ़ाना और गन्ना बीज की वैज्ञानिक तरीके से रोपाई सुनिश्चित करना है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कीट-रोग नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
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गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक के आधुनिक यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के इच्छुक गन्ना किसान अपने 13 अंकों के डीबीटी पंजीकरण संख्या का उपयोग कर विभागीय पोर्टल https://ccs.bihar.gov.in या https://sugarcanemech.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक किसान अधिकतम तीन कृषि यंत्रों पर अनुदान ले सकता है। 33 कृषि यंत्र व्यक्तिगत किसानों के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। यंत्र बैंक की स्थापना के लिए तीन समूहों का प्रावधान भी किया गया है। चयन ऑनलाइन लॉटरी (रैंडमाइजेशन) के जरिए किया जाएगा।
चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र प्राप्ति के 14 दिन के भीतर पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेता से यंत्र की खरीद करनी होगी। कार्यक्रम में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी, ईखायुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त निदेशक महेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त ईखायुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह, एनआईसी के वरीय तकनीकी निदेशक संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी और वैज्ञानिक मौजूद थे। इस योजना के जरिए बिहार में गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक और यंत्रीकृत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।