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बिहार : सरकार या नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गलत टिप्पणी तो होगी जेल
Fri, 22 Jan 2021 09:44 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 22 Jan 2021 09:44 AM IST
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- फोटो : social media
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सोशल मीडिया यानि कि फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसी साइट्स पर सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा झूठ और भ्रम फैलाने वाले लोग, समूह, संस्थाएं भी इसके दायरे में आएंगी।
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सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर की छवि धूमिल के आरोप में पोस्ट लिखने वालों पर आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने इस बारे में सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखा है।
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पत्र में जानकारी दी गई है कि अगर आपके विभाग में इस तरह का मामला सामने आता है तो आर्थिक अपराध इकाई को इसकी विस्तृत सूचना देंगे, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। आर्थिक अपराध इकाई साइबर अपराध की नोडल एजेंसी है। सोशल मीडिया पर अश्लीलता, साइबर बुलिंग, साइबर उत्पीड़न जैसे मामले आर्थिक अपराध इकाई के तहत आते हैं।
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बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और नकारात्मक खबरों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस अफसरों को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक के बाद पुलिस विभाग को सोशल मीडिया के माध्यम से ही सही जानकारी देने को कहा था।
वहीं सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) भी संचार विंग बनाने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस बड़े आपराधिका मामलों को लेकर अपडेट देती रहेगी, ताकि लोगों तक सही सूचना पहुंच सके और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति कम फैले।
आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर खान का कहना है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध के दायरे में आता है। अगर सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर के खिलाफ आपत्तिजनक या भ्रामक टिप्पणी की गई तो शख्स के खिलाफ साइबर अपराध के तहत जांच होगी और उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार सरकार के इस फैसले पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि ट्वीट कर कहा कि हे बिहार सरकार! कहां ले जा रहे हैं बिहार को। आलोचना से इतना डर! जनादेश को शासनादेश से बदलने का नतीजा कुछ यूं होता है क्या? इसके अलावा मनोज कुमार झा ने फैज का एक शेर को भी साझा किया और लिखा कि निसार मैं तेरी गलियों के ए वतन कि जहां चली है रस्म की कोई ना सर उठा के चले...
हे बिहार सरकार! कहां ले जा रहे हैं बिहार को।आलोचना से इतना डर!जनादेश को शासनादेश से बदलने का नतीजा कुछ यूं होता है क्या? बकौल फ़ैज़: निसार मैं तेरी गलियों के ए वतन कि जहां चली है रस्म की कोई ना सर उठा के चले... pic.twitter.com/vkp5GEaSad
— Manoj Kumar Jha (@manojkjhadu) January 22, 2021