Bihar: सम्राट सरकार धार्मिक यात्रा कराएगी, स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स वसूलेगी ; बिहार कैबिनेट के फैसले देखें
Bihar Cabinet : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम बिहार मंत्रिपरिषद् की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कुछ फैसले जनता से ऐसे जुड़े हैं कि मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी बैठक के तुरंत बाद दी।
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विस्तार
बिहार विधान परिषद् के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित मंत्रिपरिषद् के सदस्य मंत्रिमंडल बैठक सभागार में पहुंचे और कई बड़े निर्णयों पर सहमति दी। बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास के लिए पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा, बड़े फैसलों में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ सरकारी जमीन देने पर स्वीकृति दी गई। ऐसे फैसलों की जानकारी खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर आकर भी दी। बाद में हालांकि सरकार की ओर से 29 प्रस्तावों पर मुहर की जानकारी दी गई। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा 64,141.2820 करोड़ रुपये बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3097 करोड़ रुपये के ऋण उगाही की स्वीकृति दी।
महंगाई भत्ते को लेकर क्या-क्या हुए फैसले?
पंचम् केन्द्रीय वेतनमान में वेतन / पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों / पेंशनभोगियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक-01.01.2026 के प्रभाव से 474% के स्थान पर 483% महंगाई भत्ता / राहत की स्वीकृति दी गई। षष्ठम् केन्द्रीय वेतनमान में वेतन/पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों / पेंशनभोगियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक- 01.01.2026 के प्रभाव से 257% के स्थान पर 262% की दर से महँगाई भत्ता / राहत की स्वीकृति दी गई। सप्तम् केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन / पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों / पेंशनभोगियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक-01/01/2026 के प्रभाव से 58% के स्थान पर 60% महँगाई भत्ता / राहत की स्वीकृति गई।
अब एसएच पर एनएच की तर्ज पर देना होगा टॉल टैक्स
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार में एसएच पर टॉल संग्रह का निर्धारण एनएच की तर्ज पर किया जाएगा। वैन, कार, जीप समेत जैसे अन्य हल्के वाहनों पर 1.25 रुपये प्रति किमी की दर से टॉल वसूला जाएगा। इसी तरह छोटे व्यवसायिक वाहनों के लिए 2 रुपये प्रति किमी, दो एक्सिल वाले बस या ट्रक के लिए 4.25 रुपये प्रति किमी, बड़े निर्माण कार्य से जुड़े वाहनों मसलन पोकलेन, डंपर जैसे से 6.65 रुपये प्रति किमी तथा 7 या इससे अधिक एक्सिल वाले अत्याधिक बड़े वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किमी की दर निर्धारित की गई है। वाहनों से टॉल टैक्स की निर्धारित दर गाड़ी में लगे फास्ट टैग या अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से ही कटेगी। वहीं, विशिष्ट श्रेणियों के लिए छूट एवं पात्र उपयोगकर्ताओं के लिए रियाती पास एवं बहु-यात्रा रियायतों का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बिना फास्ट टैग वाले वाहनों के मामलों में अधिक शुल्क और अधिक भारयुक्त वाहनों के मामले में भी अधिक शुल्क लेने के प्रावधान किए गए हैं।
कहां-कहां बिहार सरकार दे रही केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन?
बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना हेतु 5-5 एकड़ आवश्यक सरकारी भूमि को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पूर्णिया में मौजा-मधुबनी, नालंदा में यह राजगीर (मौजा-पिलखी, शेखपुरा में यह मौजा-नीमी, मधेपुरा में यह मौजा-साहुगढ़ और मधुबनी जिले में यह राजनगर अंचल के मौजा-सतिहारपुर में केंद्रीय विद्यालय बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।
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इस कैबिनेट में भी एक बड़ा धार्मिक फैसला
अपनी कैबिनेट बैठकों में धार्मिक स्थलों से जुड़े फैसलों के लिए सम्राट चौधरी पहचान बना चुके हैं। आते ही उन्होंने हरिहरनाथ धाम को लेकर बड़ा फैसला किया था। एक महीने लगभग वह मंदिरों की ही यात्रा पर रहे थे। अब इस कैबिनेट में धार्मिक यात्रा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व- 1000 वर्ष की अटूट आस्था के अवसर पर बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय 'सोमनाथ यात्रा' आयोजित करने का फैसला बिहार कैबिनेट में लिया गया है।
किन पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक?
बिहार कैबिनेट ने अपराध एवं साम्प्रदायिक रुप से अत्यंत संवेदनशील राज्य के पांच जिलों- पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली एवं सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के एक-एक पद के सृजन की स्वीकृति प्रदान की।
औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए कई फैसले
कैबिनेट ने "बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025" का अवधि विस्तार 30 जून, 2026 तक किये जाने तथा इससे जुड़े कई तकनीकी फैसले लिए। परियोजना का कार्यान्वयन का माइलस्टोन का निर्धारण, मेगा इकाई की परियोजना लागत 200 करोड़ से अधिक एवं 500 करोड़ तक करने का फैसला लिया गया। भूमि आवंटन रियायत में संशोधन भी किया गया। अब भूमि आवंटन की अवधि 30 वर्ष, 60 वर्ष या 90 वर्ष के लिए अनुपातिक रूप से कम दर पर किये जाने का प्रावधान आदि किया गया है। इससे निवेश की निरन्तरता, बियाडा द्वारा भूमि आवंटन को सुगम बनाने एवं औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी।
औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार हेतु वैशाली जिला अन्तर्गत कुल रकबा - 1243.45 एकड़ रैयती भूमि का आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के माध्यम से अधिग्रहण हेतु प्रक्रियाधीन भूमि मे से 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना हेतु खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय निःशुल्क हस्तान्तरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। NIFTEM कैंपस की स्थापना से स्थानीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे कुशल मानव संसाधन विकसित होगा और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।
मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड डेयरी प्लांट सिकन्दरपुर बिहटा पटना को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के नियम-7 के तहत दुग्ध उत्पादों के उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 9717.60 लाख (संतानबे करोड़ सतरह लाख साठ हजार रूपये) मात्र के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति दी गयी। इकाई की स्थापना होने पर राज्य में पूंजी निवेश के साथ-साथ कुल 170 कुशल एवं अकुशल कामगारों का प्रत्यक्ष नियोजन हो सकेगा।
तीन कॉलेज बनेंगे, 132 पदों की स्वीकृति
राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय रहित बचे दो प्रखंडों (पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी एवं भितहा) के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह जिले मुंगेर के टेटिया बम्बर प्रखंड में एक डिग्री महाविद्यालय की स्थापना पर भी कैबिनेट ने सहमति दी। प्रति महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के 44 पदों के हिसाब से कुल 132 पदों के सृजन की स्वीकृति भी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालयों के स्थापना से राज्य में उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि होगी। साथ ही साथ ग्रामीण एवं सुदूर इलाके के विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
निलंबित डीपीओ कैबिनेट के फैसले से बर्खास्त
एक अहम फैसले के तहत भोजपुर के निलंबित तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) मो. इरशाद अंसारी के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता एवं गबन करने संबंधी आरोप प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।
ईवी को लेकर क्या हुआ फैसला?
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना की स्वीकृति दी गई। इसके आधार पर अब वर्ष 2030 तक कुल नए वाहनों में कम-से-कम 30% इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने कहा कि यह नागरिकों में इलेक्ट्रिक वाहनों की उत्साहपूर्ण स्वीकार्यता, ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन हेतु इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराये जाने तथा वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों से रोजगार सृजन किये जाने में सहायक सिद्ध होगा।स्वीकृत योजना के तहत "बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023" के अंतर्गत बिहार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के क्रय हेतु विर्निदिष्ट दिशा-निर्देश के अनुरूप इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाणिज्यिक वाहन तथा दो पहिया (महिलाओं एवं अन्य वर्ग के लिए) एवं केवल महिलाओं के लिए चारपहिया गैर वाणिज्यिक वाहनों के क्रय एवं निबंधन हेतु डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन की राशि देय होगी। वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों से रोजगार सृजन किये जाने एवं महिलाओं को गैर वाणिज्यिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि दिये जाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में यह योजना कारगर सिद्ध होगा। साथ ही, चार्जिंग स्टेशन की स्थापना हेतु भी वृद्धित चार्जर की संख्या के अनुरूप वृद्धित दर पर प्रोत्साहन राशि दी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की स्थापना हेतु भारी उद्योग मंत्रालय से PM E-DRIVE योजनान्तर्गत भी अनुदान प्राप्त किया जा सकेगा। इस प्रकार, राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जाने के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा फैसला
बिहार राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसके मुख्य उद्देश्यों में एक यह भी है कि AI प्रक्षेत्र के अग्रणी उद्योगों / संस्थानों की सहभागिता प्राप्त करने हेतु इनका चयन करना तथा राज्य में एआई पारिस्थितिकी का निर्माण करना है। कैबिनेट में इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अहम फैसला हुआ। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु ग्लोबल फाइनेंस एण्ड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN), सिंगापुर को नामांकन के आधार पर चयन किया गया है। GFTN के चयन से पूरे होने वाले उद्देश्य:GFTN, NUS-AIDF (नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर इंस्टीच्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस) तथा लाइनक्स फाउंडेशन के सहयोग से 5 माह का उन्नत AI सर्टिफिकेशन प्रोग्राम संचालित करने पर सहमति दी गई। पांच वर्षों में 7000 विद्यार्थियों (STEM/ गैर-STEM, स्नातक / स्नातकोत्तर) को प्रशिक्षित किया जाएगा। मेसर्स ग्लोबल फाइनेंस एण्ड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN) के माध्यम से AI एवं Quantum-enabled डिजिटल Sandbox प्लेटफॉर्म (Aryabhata Technology Observatory) का सृजन किया जाएगा, जिससे 100 से अधिक Startups लाभान्वित होंगे। बिहार की विशिष्ट चुनौतियों के समाधान हेतु स्टार्टअप्स उद्यमियों, छात्रों, रिसर्चर एवं सरकारी अधिकारियों को AI/ML APIs, Data Pipelines, LLM Gateway तथा Cloud IDE प्रदान करेगा। GFTN के 12 वैश्विक मंचों (Singapore FinTech Festival, Point Zero Forum Zurich, Black Swan Summit, Bangkok Digital Finance Forum, GFTN Forum Japan आदि) के माध्यम से बिहार को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी कंपनियों एवं नीति-निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य सरकार 31 बस स्टैंड को प्राइवेट सहयोग से बनाएगी
राज्य सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरिशप के तहत जिन 31 बस स्टैंड को नए रूप में विकसित करेगी, उसमें पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी, किशनगंज सहित राज्य के विभिन्न जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। इनका विकास आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं, स्वच्छता एवं बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं के साथ किया जाएगा।