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Bihar: विश्व शांति स्तूप की 55वीं वर्षगांठ का आयोजन, CM ने विकास कार्य और सांस्कृतिक समृद्धि को किया रेखांकित
Fri, 25 Oct 2024 07:12 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 25 Oct 2024 07:12 PM IST
सार
Rajgir News: राजगीर में विश्व शांति स्तूप की 55वीं वर्षगांठ का भव्य आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश से विभिन्न अथिति, बौद्ध भिक्षु और नेतागण शामिल हुए। इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने विकास कार्यों और सांस्कृतिक समृद्धि को रेखांकित किया।
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विश्व शांति स्तूप की 55वीं वर्षगांठ मौके पर सीएम नीतीश कुमार तथा अन्य अथिति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजगीर में विश्व शांति स्तूप की स्थापना के 55वें वार्षिक समारोह का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने राजगीर के बौद्धिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने भगवान बुद्ध के राजगीर से गहरे संबंधों और उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों पर राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विश्व शांति स्तूप की स्थापना के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका निर्माण 1969 में जापानी संत फियूजी गुरुजी द्वारा कराया गया था। तब से प्रतिवर्ष यहां 25 अक्तूबर को समारोह आयोजित किया जाता है, जो राजगीर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को मजबूत करता है। 50वीं वर्षगांठ के समय भी, तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विशेष रूप से भाग लिया था।
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मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े स्थलों के विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित किया, जैसे वेणुवन और गृद्धकूट पर्वत के सौंदर्यीकरण एवं सुविधाओं के विकास। साथ ही उन्होंने भगवान बुद्ध की 50 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण और पटना के बुद्ध स्मृति पार्क का उल्लेख किया। राजगीर में बहुधर्मी ऐतिहासिकता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह स्थान हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, जैन और सिख सभी धर्मों से जुड़ा हुआ है। धार्मिक स्थलों का विकास कर सरकार ने क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित किया है।
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समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नए बने एकीकृत भवन का उद्घाटन किया और स्वच्छ राजगीर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जापान से आए विशिष्ट अतिथि अत्शुहिरो होरीयुची और केनसुके होरीयुची को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समारोह में दलाई लामा द्वारा भेजा गया विशेष उपहार मुख्यमंत्री को भेंट किया गया, जिससे पूरे आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया।
समारोह में बिहार सरकार के विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बौद्ध भिक्षुगण मौजूद रहे। इस आयोजन ने राजगीर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को और समृद्ध किया, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और बिहार के ऐतिहासिक स्थलों की ओर अधिक संख्या में पर्यटकों का आगमन सुनिश्चित होगा।