Bihar: उप मुख्यमंत्री ने की पौधा संरक्षण योजना की समीक्षा, किसानों को सतर्क और सशक्त बनाने के दिए निर्देश
Patna News: उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को कीट-व्याधि के संभावित प्रकोप से पहले ही पूर्वानुमान आधारित सूचनाओं के माध्यम से सतर्क किया जाए। इसके लिए दैनिक समाचार पत्रों, रेडियो जिंगल और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का सहारा लिया जाए।
विस्तार
राज्य के किसानों की फसलों को कीट-व्याधियों से बचाने और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने अपनी सक्रियता और सजगता बढ़ा दी है। इस सिलसिले में माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कृषि भवन, पटना स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पौधा संरक्षण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने इस बैठक में फसल सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए किसानों को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए।
‘किसानों को संभावित प्रकोप से पहले ही किया जाए सचेत’
विजय सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को कीट-व्याधि के संभावित प्रकोप से पहले ही पूर्वानुमान आधारित सूचनाओं के माध्यम से सतर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए दैनिक समाचार पत्रों, रेडियो जिंगल और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का सहारा लिया जाए, ताकि सूचनाएं समय पर किसानों तक पहुंचे और वे फसल की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय कर सकें।
यह भी पढ़ें- Bihar News: सर, प्लीज सुन लीजिए... शिक्षा मंत्री की गाड़ी पर लटकी महिला अभ्यर्थी बोली, जान लीजिए पूरा मामला
‘पंचायत स्तर तक पौधा संरक्षण की जानकारी का प्रसार अनिवार्य’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर स्थित सभी सरकारी कार्यालयों में होर्डिंग और बैनर लगाना सुनिश्चित किया जाए, जिनमें पौधा संरक्षण योजनाओं से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई हो। उन्होंने कहा कि इन प्रचार माध्यमों से किसानों को कीटनाशकों के सही उपयोग, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उन्हें नुकसान से बचने में मदद मिलेगी।
‘कीटनाशी विक्रेताओं को मिले प्रशिक्षण, प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो’
सिन्हा ने इस बात पर बल दिया कि अधिकतर किसान सबसे पहले कीटनाशी विक्रेताओं से ही संपर्क करते हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि विक्रेताओं को वैज्ञानिक उपयोग, दुष्प्रभाव और कीटों की पहचान से संबंधित प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक कीटनाशी प्रतिष्ठान में उपयोग की जाने वाली कीटनाशी योजनाओं का बैनर प्रदर्शित किया जाना भी आवश्यक है।
उन्होंने जिला स्तर पर तैनात कीटनाशी निरीक्षकों को नियमित रूप से प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और संदेहास्पद कीटनाशकों के नमूने संग्रहित कर उन्हें प्रयोगशाला में जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही किसानों को कीटनाशी के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें सुरक्षा उपायों की जानकारी देने की बात भी कही। यह कदम न केवल किसानों के स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगा।
यह भी पढ़ें- Bihar News : अब दीघा से दीदारगंज तक का सफर हुआ आसान, कल मुख्यमंत्री करेंगे इस पथ का लोकार्पण
‘प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर हो सख्त रोक’
सिन्हा ने प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कहते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-समय पर छापामारी अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कीटनाशी अधिनियम के अंतर्गत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को असुरक्षित रसायनों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.