{"_id":"69b5799477b6e64555041c57","slug":"elephant-trapped-in-indrapuri-dam-dies-after-rescue-forest-department-rohtas-bihar-news-patna-news-c-1-1-noi1396-4050029-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: जंगली हाथी इंद्रपुरी डैम में फंसा, रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: जंगली हाथी इंद्रपुरी डैम में फंसा, रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची जान
Sat, 14 Mar 2026 10:03 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:03 PM IST
सार
रोहतास जिले के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 15 दिन तक उत्पात मचाने वाला जंगली हाथी शनिवार की शाम इंद्रपुरी डैम में फंस गया। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर उसे डैम से बाहर निकाला, लेकिन कुछ घंटे बाद हाथी की मौत हो गई।
विज्ञापन
डैम के गहरे पानी में फंसा हाथी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोहतास जिले के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पिछले 15 दिनों से उत्पात मचाने वाला जंगली हाथी शनिवार की शाम इंद्रपुरी डैम में फंस गया और कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और हाथी को डैम से बाहर निकालने में सफल रही, लेकिन उसकी जान बचाई नहीं जा सकी।
15 दिन तक मचाया उत्पात
हाथी पिछले 15 दिनों से रोहतास के विभिन्न इलाकों में आतंक मचा रहा था। इस दौरान उसने दर्जनों मवेशियों को मार डाला और ग्रामीणों के झोपड़ियों और फसलों को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। हाथी के डर से गांवों के लोग रात भर जागते रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और दुखद अंत
शनिवार को हाथी विचरण करते हुए अचानक इंद्रपुरी डैम के गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भारी मशक्कत के बाद हाथी को डैम से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन औरंगाबाद जिले के मेंह चौक के पास जाते-जाते हाथी की मौत हो गई।
विज्ञापन
पढ़ें: रात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव; पत्नी बोली- कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
वन विभाग पर उठे सवाल
इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाथी ने 15 दिन तक क्षेत्र में उत्पात मचाया, लेकिन वन विभाग उसे जंगल की ओर सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल नहीं हो सका। अगर समय पर उसे सुरक्षित ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
वन्यजीव प्रेमियों में शोक, ग्रामीणों में राहत
हाथी की मौत से वन्यजीव प्रेमियों में गहरा शोक है, जबकि ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। माना जा रहा है कि लंबे समय तक पानी में फंसने और अत्यधिक थकान की वजह से हाथी की जान गई। वन विभाग ने घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर शव अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
विज्ञापन
15 दिन तक मचाया उत्पात
हाथी पिछले 15 दिनों से रोहतास के विभिन्न इलाकों में आतंक मचा रहा था। इस दौरान उसने दर्जनों मवेशियों को मार डाला और ग्रामीणों के झोपड़ियों और फसलों को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। हाथी के डर से गांवों के लोग रात भर जागते रहे।
विज्ञापन
रेस्क्यू ऑपरेशन और दुखद अंत
शनिवार को हाथी विचरण करते हुए अचानक इंद्रपुरी डैम के गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भारी मशक्कत के बाद हाथी को डैम से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन औरंगाबाद जिले के मेंह चौक के पास जाते-जाते हाथी की मौत हो गई।
विज्ञापन
पढ़ें: रात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव; पत्नी बोली- कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
वन विभाग पर उठे सवाल
इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाथी ने 15 दिन तक क्षेत्र में उत्पात मचाया, लेकिन वन विभाग उसे जंगल की ओर सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल नहीं हो सका। अगर समय पर उसे सुरक्षित ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
वन्यजीव प्रेमियों में शोक, ग्रामीणों में राहत
हाथी की मौत से वन्यजीव प्रेमियों में गहरा शोक है, जबकि ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। माना जा रहा है कि लंबे समय तक पानी में फंसने और अत्यधिक थकान की वजह से हाथी की जान गई। वन विभाग ने घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर शव अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।