फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar Weather: Alert Issued Regarding Heatwave and Weak Monsoon; Immediate Directives Issued to Departments

Bihar Weather: बिहार में लू और कमजोर मानसून को लेकर अलर्ट, विभागों को तत्काल निर्देश

Mon, 27 Apr 2026 09:44 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क,अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, पटना Published by: पटना ब्यूरो Updated Mon, 27 Apr 2026 09:44 PM IST
सार

Bihar Weather Update: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बिहार में लू और कमजोर मानसून की आशंका पर समीक्षा कर पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली, पशुधन सुरक्षा और मौसम निगरानी को लेकर विभागों व जिलाधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए।

विज्ञापन
Bihar Weather: Alert Issued Regarding Heatwave and Weak Monsoon; Immediate Directives Issued to Departments
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की समीक्षा बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज आगामी मानसून और वर्तमान 'हीट वेव' (लू) की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) द्वारा वर्ष 2026 के मानसून पूर्वानुमान और तापमान की प्रवृत्तियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में मौसम के संभावित प्रभावों, जल संकट, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विज्ञापन

 
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज
समीक्षा के दौरान मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि 1 मार्च से 27 अप्रैल 2026 के बीच राज्य के विभिन्न अंचलों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। दक्षिण-पश्चिमी (SW) और दक्षिण-मध्य (SC) जोन में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। 27 अप्रैल को शाम 4:00 बजे तक राज्य के कई हिस्सों में पारा उच्च स्तर पर रिकॉर्ड किया गया। 27 अप्रैल से 05 मई 2026 तक के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। विभिन्न अंचलों NW, NC, NE, SW, SC और SE में दैनिक तापमान की गहन निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन

 
मानसून को लेकर सामने आए चिंताजनक संकेत
बैठक में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए गए। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष जून और जुलाई के महीनों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। अगस्त और सितंबर में स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है, लेकिन शुरुआती महीनों में बारिश की कमी कृषि और जल संचयन के लिए चुनौती बन सकती है। उत्तर-पूर्वी (NE) और दक्षिण-पूर्वी (SE) बिहार के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के मध्य और पश्चिमी भागों में वर्षा की कमी अधिक देखी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
मुख्य सचिव ने बढ़ती गर्मी और कम बारिश की आशंका को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को सभी चापाकलों और नल-जल योजनाओं की चालू स्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि भू-जल स्तर गिरने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।
 
स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता
लू से होने वाली बीमारियों और सनस्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में विशेष वार्ड और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारियों को कहा गया कि वे लगातार सिवल सर्जिन के साथ बैठक कर स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा करें।

पढ़ें- Bihar: कोसी-सीमांचल में बारिश-वज्रपात के कारण पांच लोगों की मौत, आज 14 जिलों में अलर्ट; जानिए मौसम का हाल
 
मौसम जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि बिहार मौसम सेवा केंद्र के 'BMSK' एप और अन्य माध्यमों से किसानों तथा आम जनता तक सटीक मौसम पूर्वानुमान पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना और मौसम आधारित निर्णयों में सहायता देना है।
 
चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले एक सप्ताह, यानी 27 अप्रैल से 05 मई तक तापमान और बारिश के पैटर्न पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।

 
निर्बाध बिजली आपूर्ति पर विशेष फोकस
गर्मी के कारण बढ़ते लोड के बावजूद राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से जलापूर्ति योजनाओं के पंप चलाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर बिजली उपलब्ध कराने को कहा गया। लू के दौरान ट्रांसफार्मर जलने या तार टूटने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हेतु हर प्रमंडल में विशेष 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) तैनात करने का निर्देश दिया गया।
 
पशुधन सुरक्षा के लिए भी तैयारी
लू की स्थिति में पशुओं को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए सभी पशु चिकित्सालयों में जीवन रक्षक दवाओं और ओआरएस का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया। पशुओं के पीने के पानी के लिए सार्वजनिक हौदों और तालाबों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से पानी पहुंचाने का निर्देश दिया गया।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed