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Coaching Registration: पटना के 138 कोचिंग संस्थानों का निबंधन आवेदन रद्द, संचालन की जांच करने निकलेंगे अफसर
Mon, 07 Oct 2024 09:10 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 07 Oct 2024 09:10 PM IST
सार
Patna Coaching Registration: डीएम ने बताया कि कुछ समय पहले कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी बैठक कर उनका पक्ष सुना गया था। उन्होंने कोचिंग संचालकों को मानकों के अनुरूप संचालन की सलाह देते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
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पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
पटना के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत जिला-स्तरीय कोचिंग निबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त समीर सौरभ और जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पटना के 138 कोचिंग संस्थानों का निबंधन आवेदन रद्द कर दिए गए, जिनके संचालन की जांच की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, बैठक में समिति के सदस्य-सचिव एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निबंधन संबंधी एजेंडे पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि पटना जिले में कोचिंग संस्थानों के निबंधन हेतु कुल 936 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 413 आवेदनों का पहले ही निबंधन हो चुका है। शेष 523 आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 138 कोचिंग संस्थानों को निबंधन के लिए अयोग्य पाते हुए अस्वीकृत कर दिया गया था। जिलाधिकारी ने इन अस्वीकृत कोचिंग संस्थानों की सूची अनुमंडल स्तर पर वितरित करने का आदेश दिया, ताकि इन संस्थानों द्वारा अवैध संचालन पर निगरानी रखी जा सके और विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
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लंबित आवेदनों की धीमी जांच पर जिलाधिकारी की नाराजगी
डीएम ने प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा कि निबंधन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी प्रशासनिक विफलता का प्रतीक है। 2019 से लंबित 523 आवेदनों में 385 की जांच अभी भी लंबित है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को शीघ्रता से जांच पूरी कर समिति की अगली बैठक बुलाने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी ने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और नोडल पदाधिकारियों द्वारा जांच में उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने नोडल पदाधिकारी को कोचिंग निबंधन के कार्य से मुक्त करने और नए पदाधिकारी को जिम्मेदारी देने का निर्देश भी दिया।
‘सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं’
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग संस्थानों को बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत संचालित किया जाना चाहिए। तीन मुख्य मानकों वैध निबंधन प्रमाण-पत्र, कक्षाओं में न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति छात्र और अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। डीएम ने चेतावनी दी कि इन मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिनियम के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम के तहत प्रथम उल्लंघन पर 25,000 रुपये और दूसरे उल्लंघन पर 1,00,000 रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर कोचिंग संस्थान का निबंधन रद्द भी किया जा सकता है। अंत में, जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ समय पहले कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी बैठक कर उनका पक्ष सुना गया था। उन्होंने कोचिंग संचालकों को मानकों के अनुरूप संचालन की सलाह देते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।