Bihar Politics: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जदयू दफ्तर पहुंचे नीतीश कुमार, कार्यकर्ताओं से मिलकर क्या कहा?
Nitish Kumar: सात मई को बिहार में नई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसको लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इन सब के बीच आज पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक जदयू दफ्तर पहुंच गए। इसके बाद क्या क्या हुआ? आइये जानते हैं...
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जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार मंगलवार को पार्टी दफ्तर पहुंचे। उनके आगमन पर कार्यालय परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं ने अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ उनका भव्य स्वागत किया तथा पूरे परिसर में नारों की गूंज सुनाई दी। नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग अच्छे से संगठन के लिए काम करें। सरकार की योजनाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाएं।
इधर, कार्यकताओं से बातचीत के बाद नीतीश कुमार ने जदयू के पदाधिकारियों से बातचीत की। संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। 18 मिनट तक बातचीत के बाद वह दफ्तर से बाहर निकल गए। इसके बाद जदयू दफ्तर के परिसर का निरीक्षण करने लगे। उन्होंने दफ्तर की एक-एक चीजों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसमें बदलाव को लेकर पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। एक दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। वह दिल्ली से लौटते ही नीतीश कुमार से मिले थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम एवं पुदुचेरी में एनडीए की प्रचंड जीत पर बधाई दी।
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बंगाल में भाजपा की जीत पर जदयू ने क्या कहा?
इधर, पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर जदूय की ओर से कहा गया कि जीत से यह स्पष्ट होता है कि बिहार में 1990 से 2005 तक आरजेडी के शासनकाल के दौरान जिस प्रकार का कुशासन था, उससे भी अधिक कुशासन ममता बनर्जी के 15 वर्षों के कार्यकाल में बंगाल में देखने को मिला। यही कारण है कि वहां की जनता उससे मुक्ति चाहती थी। बंगाल के मतदाताओं ने भारी संख्या में मतदान कर उसे उखाड़ फेंकने का काम किया। जदयू प्रदेश प्रवक्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिन-जिन दलों के लिए आरजेडी नेता चुनाव प्रचार करने गए उन राज्यों में उस दल का सूपड़ा साफ हो गया।